NCR Plan 2041: नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) को लेकर एक बेहद अहम बैठक हुई है. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की इस बैठक में क्षेत्रीय योजना 2041 पर बड़ी चर्चा हुई.
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इस बैठक में एनसीआर की सीमाओं को न बदलने और पूरे इलाके के सुनियोजित विकास के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं.
बनेंगे 4 नए आधुनिक नमो शहर
एनसीआर में लगातार बढ़ती आबादी के दबाव को कम करने के लिए अगले 5 वर्षों में ₹5,000 करोड़ की लागत से चार नए ग्रीनफील्ड 'नमो' शहर (Namo Cities) विकसित किए जाएंगे.
- यह चार शहर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में एक-एक बनाए जाएंगे.
- ये शहर पूरी तरह आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल और आत्मनिर्भर होंगे. इन्हें क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी रैपिड रेल रूट के किनारे बसाया जाएगा.
- उत्तर प्रदेश के विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने 'नमो' शहर के लिए जेवर, नोएडा, बुलंदशहर या दादरी क्षेत्र का प्रस्ताव रखा है.
तीन जोन में बंटेगा NCR
भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए अब एनसीआर को तीन अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा. अब प्रदूषण से जुड़ी पाबंदियां (जैसे ग्रैप या निर्माण कार्यों पर रोक) केवल दिल्ली और उससे सटे सेंट्रल एनसीआर (CNCR) के इलाकों पर ही लागू होंगी.
एनसीआर के जो जिले दिल्ली से काफी दूर हैं, उन्हें इन पाबंदियों से छूट दी जाएगी ताकि वहां विकास कार्य न रुकें. सेंट्रल एनसीआर का दायरा ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के बाहरी किनारे से 5 किलोमीटर आगे तक होगा.
नहीं बदलेगी एनसीआर की सीमा
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने साफ कर दिया है कि एनसीआर की मौजूदा क्षेत्रीय सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. हरियाणा सरकार ने अपने 5 जिलों करनाल, जींद, पानीपत, महेंद्रगढ़ और भिवानी को एनसीआर से बाहर करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे बोर्ड ने स्वीकार नहीं किया. एनसीआर में पहले की तरह सभी 32 जिले शामिल रहेंगे.
15 अगस्त तक आएगी रिपोर्ट
रीजनल प्लान 2041 पर सभी राज्यों के बीच पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई, जिसके लिए अब एक सब-कमेटी बनाई गई है. कमेटी 15 अगस्त तक अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगी और दो महीने बाद इस प्लान को आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिया जाएगा.
बोर्ड की अगली बैठक इसी साल दिसंबर में गुरुग्राम में होगी.
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