Barabanki Flood News: नेपाल से छोड़े गए 2.54 लाख क्यूसेक पानी का असर आज, सरयू के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन अलर्ट

Newzo

• 03:37 PM • 26 Jul 2026

Barabanki Saryu River News: बाराबंकी में नेपाल के शारदा और गिरिजा बैराज से छोड़े गए 2.54 लाख क्यूसेक पानी का असर रविवार को सरयू नदी पर दिख सकता है. नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर नीचे है. प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर तटवर्ती गांवों की निगरानी तेज कर दी है.

नेपाल से छोड़े गए 2.54 लाख क्यूसेक पानी का असर आज, सरयू के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन अलर्ट

नेपाल से छोड़े गए 2.54 लाख क्यूसेक पानी का असर आज, सरयू के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन अलर्ट

Google CTA

Barabankbi News: नेपाल स्थित शारदा और गिरिजा बैराज से कुल 2.54 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बीच बाराबंकी के  रामनगर तहसील के घाघरा घाट स्थित एल्गिन ब्रिज पर सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर रविवार को खतरे के लाल निशान से नीचे दर्ज किया गया.

यह भी पढ़ें...

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार दोपहर 12 बजे नदी का जलस्तर 105.950 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर कम है. हालांकि नदी अभी भी चेतावनी स्तर पर बह रही है और प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी है.

केंद्रीय जल आयोग के जूनियर इंजीनियर मुस्तकीम ने बताया कि जलस्तर में फिलहाल कमी दर्ज की गई है, लेकिन नेपाल से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है. नदी के जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है और प्रत्येक घंटे की रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराई जा रही है.

शनिवार 26 जुलाई को सुबह 8 बजे जारी बैराजों के डिस्चार्ज आंकड़ों के अनुसार गिरिजा बैराज से 1,23,073 क्यूसेक तथा शारदा बैराज से 1,31,337 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इस प्रकार दोनों बैराजों से कुल 2,54,410 क्यूसेक पानी सरयू (घाघरा) नदी में प्रवाहित किया गया है. बैराज क्षेत्रों में वर्षा शून्य दर्ज होने के बावजूद लगातार हो रहे डिस्चार्ज के चलते नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है.

उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता ने बताया कि बैराजों से छोड़े गए पानी का प्रभाव लगभग 24 घंटे बाद एल्गिन ब्रिज क्षेत्र में देखने को मिलता है. इसे देखते हुए राजस्व, सिंचाई और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं. बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखा गया है और तटवर्ती गांवों की लगातार निगरानी की जा रही है.