Barabanki News: तहसील रामनगर क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर शनिवार को घटकर खतरे के लाल निशान से नीचे पहुंच गया, जिससे तटीय गांवों के लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है.
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार सुबह 10 बजे नदी का जलस्तर 106.010 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के लाल निशान से छह सेंटीमीटर नीचे था. दोपहर 12 बजे तक जलस्तर और घटकर 105.970 मीटर पर पहुंच गया. हालांकि प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि शारदा और गिरिजा बैराज से छोड़ा गया पानी अगले 24 घंटे में घाघरा नदी तक पहुंचने की संभावना है.
पिछले दिनों जलस्तर बढ़ने से घाघरा नदी का पानी आसपास की कई ग्राम पंचायतों के खेत-खलिहानों तक पहुंच गया था. अब जलस्तर में कमी आने के बावजूद नदी कई स्थानों पर कटान कर रही है. तपेसिपाह के एक पुरवा के पास तेज कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड विभाग ने चौघड़िया लगाई है, लेकिन नदी का दबाव अभी भी बना हुआ है. वहीं कोरिन पुरवा के पास नदी की धारा मोड़ने के लिए बाढ़ खंड विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया सुरक्षा कार्य सफल साबित हुआ है. इससे नदी की धारा गांव की ओर बढ़ने के बजाय दूसरी दिशा में मुड़ गई और आबादी क्षेत्र सुरक्षित बना हुआ है.
उप जिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता तथा तहसीलदार विपुल सिंह लगातार प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर रहे हैं. उन्होंने राजस्व कर्मियों को सतर्क रहने, तटीय क्षेत्रों पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार ने बताया कि फिलहाल जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन शारदा बैराज से 1,26,629 क्यूसेक तथा गिरिजा बैराज से 1,17,776 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे के भीतर घाघरा नदी के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी हो सकती है.
प्रशासन ने तटीय गांवों के लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
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