Umashankar Singh Funeral: बलिया की रसड़ा विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का बीते दिन निधन हो गया है. वह लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. उनका इलाज गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था. निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर पहले अंतिम दर्शन के लिए लखनऊ रखा गया, इसके बाद उनके पैतृक घर ले जाया गया. उनके पैतृक गांव में शुक्रवार को शिवरामपुर घाट के लिए अंतिम यात्रा निकली गई, इस दौरान अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए सड़कों पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा.
ADVERTISEMENT
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर जब बलिया पहुंचा, तो उन्हें देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. चिलचिलाती धूप में भी लोग घंटों तक सड़क और ओवरब्रिज पर खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे. शुक्रवार 7 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे उनके घर से शुरू हुई इस शव यात्रा में लोग रास्ते भर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देते रहे.
शिवरामपुर घाट पर खास इंतजाम
विधायक का अंतिम संस्कार बलिया के शिवरामपुर घाट पर किया गया. मौसम और भीड़ को देखते हुए घाट पर पहले से ही तिरपाल और टेंट की खास व्यवस्था की गई थी. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को भी तैनात किया गया था. घाट पर हजारों लोगों और सैकड़ों गाड़ियों का काफिला मौजूद था.
गरीबों के मसीहा थे उमाशंकर
अंतिम यात्रा में शामिल स्थानीय लोगों ने बताया विधायक जी गरीबों के लिए मसीहा थे. उन्होंने बताया उमाशंकर सिंह जी ने कभी भी खुद को बड़ा नेता नहीं समझा. उनके दरवाजे से कभी भी कोई गरीब इंसान खाली हाथ नहीं लौटा था. इसी वजह से उनकी अंतिम यात्रा में सबसे ज्यादा संख्या उन गरीब और आम लोगों की थी, जिनकी उन्होंने हमेशा मदद की थी.
मायावती ने भावुक होकर दी श्रद्धांजलि
उमाशंकर सिंह के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई बड़े नेताओं ने शोक जताया है. बसपा सुप्रीमो मायावती उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं. मायावती ने भावुक होते हुए कहा कि उमाशंकर सिंह उनके सगे भाई जैसे थे. वह हर रक्षाबंधन पर उनसे राखी बंधवाते थे. मायावती ने कहा कि राजनीति के उतार-चढ़ाव में कई लोगों ने धोखा दिया है, लेकिन उमाशंकर सिंह ने हमेशा पार्टी का साथ निभाया.
बेटे युकेश को मिलेगी राजनीतिक विरासत
उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. ऐसा माना जा रहा है कि उमाशंकर सिंह की जगह अब उनके बेटे प्रिंस युकेश सिंह राजनीति में कदम रख सकते हैं. खुद मायावती ने भी इस बात के संकेत दिए हैं कि वह युकेश सिंह को रसड़ा विधानसभा से आगे बढ़ाकर पार्टी में अहम जिम्मेदारी सौंप सकती हैं.
ADVERTISEMENT











