उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो चुकी हैं. अखिलेश यादव PDA रथ के जरिए चुनावी मैदान में उतर चुके हैं, जबकि भाजपा भी अपनी तैयारी में जुटी है. इसी बीच एक नया सर्वे सामने आया है. इसमें यूपी की 403 विधानसभा सीटों को लेकर अनुमान दिया गया है.
ADVERTISEMENT
न्यूज लीडर और मैट्रिज सर्वे के आंकड़ों में भाजपा और उसके सहयोगियों को बहुमत के आंकड़े से आगे दिखाया गया है. वहीं समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगियों की सीटों में बढ़ोतरी का अनुमान है. हालांकि ये सिर्फ सर्वे है. चुनाव में अभी समय है और उम्मीदवारों के नाम भी घोषित नहीं हुए हैं, इसलिए इसे अंतिम चुनावी तस्वीर नहीं माना जा सकता.
चारों रीजन में क्या कहते हैं आंकड़े?
सर्वे में उत्तर प्रदेश को अलग-अलग रीजन में बांटकर सीटों का अनुमान दिया गया है. बुंदेलखंड की 19 सीटों में भाजपा गठबंधन को 17 और सपा गठबंधन को 2 सीटें मिलने का अनुमान है. अवध की 118 सीटों की बात करें तो यहां बीजेपी गठबंधन को 77 सीटें मिल सकती हैं. सपा गठबंधन के खाते में 40 सीटों का अनुमान है, जबकि एक सीट बसपा को मिलने की संभावना जताई गई है.
पूर्वांचल की 130 सीटों में बीजेपी गठबंधन को 80 सीटें मिलने का अनुमान है. सपा और उसके सहयोगियों को 47 सीटें मिल सकती हैं. बसपा के खाते में एक और अन्य के खाते में दो सीटों का अनुमान दिया गया है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 136 सीटों में बीजेपी गठबंधन को 93 और सपा गठबंधन को 43 सीटें मिलने का अनुमान है.
आंकड़ों को जोड़ें तो क्या तस्वीर बनती है?
चारों रीजन के दिए गए आंकड़ों को जोड़ने पर बीजेपी गठबंधन के खाते में 267 सीटें आती हैं. सपा गठबंधन को 132 सीटें, बसपा को 2 सीटें और अन्य के खाते में 2 सीटें जाती हैं. कुल जोड़ 403 सीटों का है. यही आंकड़े हालिया रिपोर्टों में भी बताए गए हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुमत के लिए 202 सीटों की जरूरत होती है. सर्वे के अनुमान में बीजेपी गठबंधन इस आंकड़े से ऊपर दिखाई दे रहा है. हालांकि ये ध्यान रखना जरूरी है कि ये संभावित सीटों के आंकड़े हैं, चुनाव के वास्तविक परिणाम नहीं.
वोट शेयर में भी अंतर
सर्वे में वोट शेयर को लेकर भी अनुमान दिया गया है. बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA को करीब 44 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगियों को 38 फीसदी वोट मिल सकते हैं.
बसपा के लिए करीब 8 फीसदी और अन्य दलों के लिए 10 फीसदी वोट का अनुमान बताया गया है. इस सर्वे में NDA और सपा गठबंधन के बीच वोट शेयर में करीब 6 प्रतिशत अंक का अंतर दिखाया गया है.
अखिलेश की सीटें बढ़ने का अनुमान
सर्वे में समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगियों को 132 सीटें मिलने का अनुमान है. इस हिसाब से 2022 के मुकाबले सपा गठबंधन की सीटों में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है.
2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को 111 सीटें मिली थीं. नए सर्वे में सपा गठबंधन को 132 सीटों का अनुमान दिया गया है. हालांकि सीटों का अनुमान गठबंधन के स्तर पर है. इसमें सपा के साथ उसके सहयोगियों की संभावित सीटें भी शामिल हैं.
बीजेपी के सहयोगियों के लिए क्या तस्वीर?
सर्वे में बीजेपी गठबंधन के कुल 267 सीटों के अनुमान के साथ सहयोगी दलों की सीटों का भी आकलन किया गया है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अकेले बीजेपी को 246 सीटें मिलने का अनुमान है.
वहीं अपना दल को 9, आरएलडी को 7 और निषाद पार्टी को 4 सीटें मिलने का अनुमान बताया गया है. अन्य के खाते में एक सीट का अनुमान है. सर्वे के मुताबिक बीजेपी अकेले भी बहुमत के आंकड़े से ऊपर दिखाई गई है, जबकि उसके सहयोगी दलों को भी कुछ सीटें मिलने का अनुमान है.
अभी चुनाव में काफी समय
इन आंकड़ों को 2027 के विधानसभा चुनाव का अंतिम नतीजा नहीं माना जा सकता. चुनाव में अभी समय है. पार्टियों की ओर से उम्मीदवारों की पूरी घोषणा भी नहीं हुई है और आने वाले महीनों में गठबंधन, उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दे और चुनावी अभियान की तस्वीर बदल सकती है.
फिलहाल न्यूज लीडर और मैट्रिज के इस सर्वे में 403 सीटों पर BJP+ के लिए 267 और SP+ के लिए 132 सीटों का अनुमान सामने आया है. 2027 के चुनाव से पहले सर्वे मौजूदा राजनीतिक स्थिति का एक अनुमान जरूर पेश करता है, लेकिन अंतिम फैसला मतदाताओं के वोट और चुनावी नतीजों से ही होगा.
ADVERTISEMENT











