मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक घर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. वोट चोरी के आरोप और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजयनगर स्थित उनके घर के बाहर नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान घर के गेट पर कालिख पोती गई और उस पर ‘वोट चोर गद्दार ज्ञानेश कुमार’ लिखा गया.
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कांग्रेस महासचिव अनिल यादव और मथुरा के जिला अध्यक्ष के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता यहां पहुंचे थे. कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे भी लगाए. प्रदर्शन के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गेट पर लगी कालिख को साफ कराया गया. हालांकि, कालिख के निशान अब भी गेट पर दिखाई दे रहे हैं.
गेट पर लिखा गया ‘वोट चोर गद्दार’
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्प्रे से घर के गेट पर कालिख पोती. इसके बाद वहां विरोध में नारेबाजी की गई. पुलिस के पहुंचने के बाद गेट को साफ कराया गया. घर के बाहर अब पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है.
विजयनगर स्थित घर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पैतृक आवास है. घर की नेम प्लेट पर ‘ज्ञानेश कुमार आईएएस’ लिखा है. उनके पिता डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत रहे हैं. उनके माता-पिता इसी घर में रहते हैं.
नेम प्लेट पर भी कालिख पोतने की कोशिश
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने घर के एक हिस्से में लगी नेम प्लेट पर भी कालिख पोतने की कोशिश की. प्रदर्शनकारी काफी देर तक नारेबाजी करते रहे. बाद में सभी कार्यकर्ता वहां से चले गए. अलग-अलग जगहों से आए कांग्रेस कार्यकर्ता इसके बाद दिल्ली की ओर रवाना हो गए.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भारतीय जनता पार्टी के दबाव में एसआईआर की प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के जरिए लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
पिता बोले- मेरे प्रति ऐसा करने का कोई औचित्य नहीं
कालिख पोते जाने के बाद ज्ञानेश कुमार के पिता डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की बात कही. उन्होंने कहा कि जिस समय लोग घर पर आए, उस वक्त वह वहां मौजूद नहीं थे. बाद में उन्हें जानकारी मिली कि कुछ लोग घर पर आकर उल्टा-सीधा कर गए.
डॉ. गुप्ता ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को उनके बेटे से रोष है तो वे उनके बेटे के प्रति अपना विरोध जताएं. उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों के प्रति कुछ नहीं किया, इसलिए उनके साथ ऐसा करने का कोई औचित्य नहीं था.
उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शन में शामिल लोगों के नाम पता चलते हैं तो वह पुलिस से मिलकर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट करेंगे. डॉ. गुप्ता के मुताबिक करीब छह महीने पहले भी कुछ लोग दिल्ली में उनके पास आए थे, लेकिन उस समय उन्हें उनके नाम नहीं पता थे. अब नाम पता चलने पर वह कार्रवाई करेंगे.
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