उत्तर प्रदेश के आगरा में एक महीने से ज्यादा समय से छिपे भोपाल के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के आरोपी केयरटेकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान वरुण कुमार के रूप में हुई है. 30 सितंबर को भोपाल में हुई हत्या के बाद से फरार था. पुलिस कई राज्यों में उसकी तलाश कर रही थी. आखिरकार उसका पता उत्तर प्रदेश के आगरा में चला.
ADVERTISEMENT
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को सड़क मार्ग से भोपाल लेकर जा रही थी. इसी दौरान उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, इस दौरान हुई हाथापाई में आरोपी के हाथ से गोली चल गई, जो उसके पैर में जा लगी. घायल वरुण को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल उसका इलाज चल रहा है.
आगरा से गिरफ्तारी, रास्ते में भागने की कोशिश
भोपाल के रतीबड़ थाने के प्रभारी रास बिहारी शर्मा ने बताया कि वरुण कुमार को आगरा से गिरफ्तार किया गया है. मंगलवार सुबह उसे सड़क के रास्ते भोपाल लाया जा रहा था. रास्ते में मुगलिया छाप गांव के पास आरोपी ने पेशाब करने के बहाने गाड़ी रुकवाई.
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान उसने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनने की कोशिश की. पुलिस टीम और आरोपी के बीच हाथापाई हुई. इस दौरान पिस्टल से चली गोली वरुण के पैर में लग गई. इसके बाद पुलिस उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल ले गई. पुलिस अब उससे पूछताछ करेगी. पता लगाने की कोशिश होगी कि राकेश अग्रवाल की हत्या किस तरह की गई और इसके पीछे क्या वजह थी.
30 सितंबर को घर में मिला था रिटायर्ड IAS का शव
मामला 30 सितंबर का है. भोपाल के रतीबड़ इलाके के सूरज नगर स्थित अपने घर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल मृत मिले थे. उनका गला कटा हुआ था. घटना के समय उनकी पत्नी भी घर में मौजूद थीं.
अग्रवाल शारीरिक बीमारी से जूझ रहे थे. उनकी देखभाल के लिए वरुण कुमार को एक एजेंसी के माध्यम से रखा गया था. हत्या से महज तीन दिन पहले ही वरुण ने काम शुरू किया था.
हत्या के बाद से ही वरुण गायब था. पुलिस को उस पर शक था और उसकी तलाश शुरू कर दी गई थी. जांच के दौरान पुलिस ने कई राज्यों में छापेमारी की और अलग-अलग जगहों के CCTV फुटेज भी खंगाले. इसके बावजूद वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा.
तलाश के लिए बनाई गई थी SIT
मामले की जांच के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने विशेष जांच टीम (SIT) बनाई थी. फरार वरुण कुमार की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था. पुलिस की टीमें अलग-अलग राज्यों में उसकी तलाश कर रही थीं.
कौन थे राकेश अग्रवाल?
राकेश अग्रवाल मूल रूप से पंजाब के रहने वाले थे. 1982 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी थे. अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई जिम्मेदार पदों पर काम किया था. अलग-अलग जिलों में कलेक्टर रहे और कई विभागों में सचिव तथा प्रमुख सचिव के पद पर भी तैनात रहे.
उनकी आखिरी पोस्टिंग भोपाल की आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में महानिदेशक के पद पर थी. रिटायरमेंट के बाद भोपाल में रह रहे थे. अब पुलिस की पूछताछ से हत्या के पीछे की वजह और वारदात से जुड़ी बाकी परिस्थितियों का पता चल सकेगा.
ये भी पढ़ें- 1 जनवरी से इन ट्रेनों का किराया हो जाएगा कम, यूपी से दिल्ली-मुंबई जाने वालों का भी बचेगा पैसा
ADVERTISEMENT











