आगरा रेल मंडल के डीआरएम (DRM) कार्यालय में उस वक्त सनसनी फैल गई जब असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर (AOM) अभिषेक सिंह का शव उनके ही कार्यालय कक्ष में कुर्सी पर मृत अवस्था में बरामद हुआ. मृतक अधिकारी के मुंह से झाग निकल रहा था और पास में ही कुछ गोलियां भी पड़ी हुई थीं जिसके चलते शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है. इस घटना के बाद मृतक की पत्नी और मां ने सीनियर अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और टॉर्चर करने का गंभीर आरोप लगाया है. सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेसिंक टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई में जुटी रही.
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दफ्तर लौटे अधिकारी और परिजनों की तलाश
परिजनों के मुताबिक, AOM अभिषेक सिंह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे. रविवार की सुबह वह सामान्य रूप से दफ्तर आए थे और दोपहर करीब तीन बजे घर गए थे. घर से लौटते वक्त वह अपने साथ एक डायरी लेकर कार्यालय पहुंचे थे जिसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे. रात लगभग नौ बजे तक जब उनका फोन स्विच ऑफ मिला और कोई सुराग नहीं लगा तो परेशान परिजन खोजबीन करते हुए रात करीब 10 बजे डीआरएम कार्यालय पहुंचे.
चैंबर का दरवाजा खोलने पर अभिषेक सिंह अपनी कुर्सी पर मृत पाए गए. मौके पर उनके मुंह से झाग निकलता हुआ देखा गया और पास ही कुछ गोलियां भी बरामद हुईं.
पत्नी और मां के गंभीर आरोप: "काम के दबाव और धमकियों से थे परेशान"
घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है. मां सुशीला देवी और पत्नी आस्था का रो-रोकर बुरा हाल है. सदमे और दुख के कारण मां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. मृतक की पत्नी आस्था ने आरोप लगाया कि करीब चार महीने पहले ही अभिषेक का ट्रांसफर प्रयागराज से आगरा हुआ था. सीनियर अधिकारी उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे और रोजाना टॉर्चर किया जाता था.
पत्नी का यह भी कहना है कि अभिषेक काम को पूरी तरह समझने के लिए थोड़ा वक्त मांगते थे. लेकिन सीनियर अधिकारी उन्हें 'जिंदगी खराब कर देने' की धमकी देते थे. परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि इसी मानसिक दबाव और उत्पीड़न के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया.
पुलिस और फॉरेंसिक जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. पुलिस ने कार्यालय कक्ष को सील कर साक्ष्य संकलित किए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके से मिली डायरी और परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को आधार बनाकर मामले की हर एंगल से बारीकी से छानबीन की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
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