Ballia News: पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के ऐतिहासिक जीत की गूंज उत्तर प्रदेश के बलिया में भी जोरों - शोर से सुनाई दे रही है. बंगाल में मिली प्रचंड सफलता के बाद बलिया से विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के कैंप कार्यालय पर ऐसा माहौल दिखा कि मानो उत्तर प्रदेश में ही चुनावी नतीजे आए हो.
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कैंप कार्यालय पर आयोजित इस जश्न में परिवहन मंत्री के भाई और भाजपा नेता धर्मेंद्र सिंह खुद शामिल हुए. जीत की खुशी में कार्यकर्ताओं ने जमकर ढोल-नगाड़े बजाए और आतिशबाजी कर आसमान गुंजायमान कर दिया. लेकिन इस पूरे उत्सव में सबसे ज्यादा चर्चा का केंद्र रहा, झाल-मुरही का स्टाल बंगाल का रसगुल्ला.
जश्न के दौरान कैंप कार्यालय पर कार्यकर्ताओं के लिए विशेष तौर पर बंगाल का प्रसिद्ध स्नैक झाल-मुरही तैयार कराया गया. धर्मेंद्र सिंह और अन्य कार्यकर्ताओं ने स्टाल लगाकर लोगों को झाल-मुरही और रसगुल्ला खिलाया। राजनीतिक गलियारों में इसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एक सीधा और मज़ाकिया तंज माना जा रहा है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि बंगाल अब भगवामय हो गया है और वहां के स्वाद के साथ हम यहां जीत का स्वाद चख रहे हैं.
जश्न में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि बंगाल और असम की जीत ने यह साबित कर दिया है कि जनता का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विकास की राजनीति में अडिग है. आतिशबाजी और नारों के बीच धर्मेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह जीत हर उस कार्यकर्ता की है जिसने जमीन पर रहकर संघर्ष किया है. बलिया के इस जश्न ने यह साफ कर दिया है कि बंगाल की राजनीति का असर यूपी के बागी बलिया में किस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है. इस दौरान कार्यकर्ताओ ने ममता बनर्जी के कार्यकाल को याद करते हुए जमकर कटाक्ष किये कहा ममता के युग के साथ उनकी तानाशाही भी खत्म, बंगाल की जनता का धन्यवाद किया.
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