Ballia Protest: साहब, सड़क पर शराबी बिना कपड़ों के नंगे पड़े रहते हैं. इसी रास्ते से हमारी बहन-बेटियों और स्कूल के बच्चे गुजरते हैं लेकिन प्रशासन कान में तेल डालकर सोया है. यह गुहार किसी एक शख्स की नहीं, बल्कि शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के बेदुआ बंधे पर रहने वाले सैकड़ों आक्रोशित स्थानीय लोगों की है. शराब, बीयर और देशी शराब ठेके के आतंक से तंग आकर अब लोगों के सब्र का बांध टूट गया है. बिचला घाट चौकी से ठीक सेट हनुमान मंदिर पर स्थानीय लोगों ने अब आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है और बेमियादी धरना क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं.
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गंभीर आरोप- पुलिस की शह पर बिक रहा गांजा
अनशनकारियों का आरोप सिर्फ शराब की दुकानों तक सीमित नहीं है. आंदोलनकारीयों ने सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस प्रशासन को कैटघरे में खड़ा किया है. उनका गंभीर आरोप है कि यहां कहने को तो सिर्फ सरकारी भांग का लाइसेंस है, लेकिन पुलिस की कथित सह पर गुमटियों में धड़ल्ले से अवैध रूप से अवैध गांजा भी बेचा जा रहा है. इलाके के युवाओं के भविष्य को नशे की भट्टी में झोंका जा रहा है.
जमीन मालिकों ने दिया था भरोसा, पर मुकर गए
क्रमिक अनशन की अगुवाई कर रहे स्थानीय निवासी गिरजा शंकर राय ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द और गुस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि बेदुआ बंधा कोई सुन-सान इलाका नहीं, बल्कि कई वार्डो को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है. सुबह से लेकर देर रात तक यहां शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है. इस समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार जिला प्रशासन के चक्कर काटे, पत्रक सौपें, लेकिन अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी. बताया जिन लोगों की जमीन पर ये दुकाने चल रही हैं, उन्होंने पहले तो आश्वासन दिया था की दुकान हटवा दी जाएगी लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
जब तक दुकान हटेगी नहीं, आंदोलन रुकेगा नहीं
हनुमान मंदिर के पास धरने पर बैठे क्षेत्र वासियों ने अब दो टूक लहज़े में साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब थमने वाली नहीं है.आंदोलनकारीयों का कहना है कि प्रशासन भले ही मौन साधे रहे, लेकिन जब तक इन शराब की दुकानों को यहां से हटाकर कहीं और शिफ्ट नहीं किया जाता तब तक उनका क्रमिक अनशन और आंदोलन लगातार जारी रहेगा. अब देखना यह है कि शहर के बिचलाघाट चौकी के ठीक बगल में चल रहे इस आंदोलन और जनता के इस भारी आक्रोश पर बलिया जिला प्रशासन की नींद कब टूटती है.
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