Ballia lekhpal protest: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में लेखपालों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है. उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ शाखा बलिया ने अपनी लंबित समस्याओं और तहसील रसड़ा के अध्यक्ष के नियम विरुद्ध तबादले के विरोध में मोर्चा खोल दिया हैं. आज मंगलवार से लेखपालों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है. बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे लेखपालों ने जमकर प्रदर्शन किया.
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लेखपाल संघ का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा. उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ जनपद बलिया के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया है. लेखपालों का आरोप है कि पूर्व में अपनी संवर्ग संबंधी समस्याओं को लेकर शासन और प्रशासन को कई बार पत्र सौंप गए थे. बताया 25 जून 2025, 15 नवंबर 2025, 8 नवंबर 2026 और 9 मार्च 2026 को लिखित पत्र दिए गए थे, लेकिन आज तक इन समस्याओं पर कोई समाधान नहीं निकाला गया.
आपको बता दे कि आंदोलन के तत्काल भड़कने की मुख्य वजह तहसील रसड़ा में कार्यरत लेखपाल और वर्तमान तहसील अध्यक्ष मनीष गौतम का किया गया स्थानांतरण बताया जा रहा है आरोप है कि नियम विरुद्ध तरीके से स्थानांतरण किया गया है. संघ का आरोप है कि यह स्थानांतरण दुर्भावनापूर्ण और नियमों को ताक पर रखकर किया गया. इसी के विरोध में आज से लेखपाल धरने पर बैठ गए हैं.
कहां जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक यह धरना अनवरत चलता रहेगा. इस आंदोलन का नेतृत्व और प्रमुख वक्ताओं में लेखपाल संघ के कई बड़े पदाधिकारी शामिल रहे.
सरकारी कामकाज की रीढ़ माने जाने वाले लेखपालों के इस तरह अनिश्चितकालीन धरने पर चले जाने से बलिया जिले की तहसीलों में राजस्व, आय-जाति, निवास प्रमाण पत्र और जमीन से जुड़े मामले ठप होने की कगार पर पहुंच सकते हैं. अब देखना यह होगा कि बलिया जिला प्रशासन इस गतिरोध को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है?
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