Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विवाद खड़ा हो गया है. वकीलों ने उप जिला अधिकारी सदर और तहसीलदार सदर पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है. मामला इतना बढ़ गया की जिला अधिकारी को हस्तक्षेप करना पड़ा और दोषी पाए जाने पर अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आश्वासन देना पड़ा.
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एसडीएम व तहसीलदार पर बिना सुनवाई फाइल निस्तारण का आरोप
दरअसल, आज कलेक्ट्रर बार एसोसिएशन बलिया द्वारा आपातकालीन बैठक अध्यक्ष मदनलाल वर्मा के अध्यक्षता में बुलाई गई. वकीलों का आरोप है कि एसडीएम सदर और तहसीलदार सदर द्वारा बिना किसी तिथि के और बिना वादियों की सुनवाई किए ही फाइलों का निस्तारण किया जा रहा है. वकीलों ने इसे न्याय प्रक्रिया का उल्लंघन और वादकारियों के हितों के साथ खिलवाड़ बताया. जिसे लेकर सैकड़ो की संख्या में डीएम कार्यालय के सामने वकीलों ने एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
डीएम से वार्ता के बाद शांत हुआ माहौल, जांच व कार्रवाई का आश्वासन
बार एसोसिएशन ने एक प्रतिनिधि मंडल जिला अधिकारी से मिलने भेजा. शुरुआत में माहौल गर्म रहा लेकिन बाद में बेहद शांतिपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई. अधिवक्ताओं ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल को जिलाधिकारी ने आश्वासन देते हुए कहा कि यदि फाइलों का निस्तारण बिना तिथि और बिना सुनवाई के किया गया है तो उप जिला अधिकारी बलिया के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी यदि तहसीलदार सदर भी इस तरह के कृत्य में संयुक्त पाए जाते हैं तो उन्हें भी दंडित किया जाएगा.
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी वकीलों की नजरें
अधिवक्ताओं ने कहा हम न्याय प्रक्रिया के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे. अगर अधिकारी मनमानी करेंगे तो अधिवक्ता समाज चुप नहीं बैठेगा. फिलहाल जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद वकीलों का गुस्सा शांत है लेकिन सबकी नज़रें प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी है.
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