बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से रोंगटे खड़े कर देने वाली एक वारदात सामने आई है. बांसडीह थाना क्षेत्र के टोलापुर में ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर एक विवाहिता ने मौत को गले लगा लिया. सनसनीखेज बात यह है कि सबूत मिटाने के लिए ससुराल वालों ने शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे चुपचाप घाघरा नदी में प्रवाहित कर दिया. पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रही मुख्य आरोपी सास को गिरफ्तार कर लिया है.
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परिजन ने लगाया गंभीर आरोप
मिली जानकारी के अनुसार रिंकू सिंह की शादी करीब 10 साल पहले टोलापुर निवासी चंदन सिंह के साथ हुई थी. परिजनों का आरोप है की शादी के बाद से ही रिंकू को उसके ससुराल वाले छोटी - छोटी बातों पर मारपीट और गाली गलौज कर प्रताड़ित करते थे.
जुल्म की इंतहा तब हो गई जब बीते 1 फरवरी 2026 को प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर रिंकू ने घर के अंदर ही फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. पुलिस के मुताबिक घटना के बाद कानूनी कार्रवाई के डर से सास-ससुर और ननद ने मिलकर शव को घाघरा नदी में फेंक दिया था ताकि कोई सबूत न बच सके.
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर भेजा न्यायालय
इस मामले में मृतिका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 238 बी साक्ष्य छुपना के तहत मुकदमा दर्ज किया था. आरोपी तभी से फरार चल रहे थे. 30 मार्च को उपनिरीक्षक सूरज पटेल की टीम ने घेराबंदी कर सुल्तानपुर गांव मोड़ के पास से मृतिका की सास कलपति देवी 58 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय भेज दिया है. पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और अज्ञात लोगों की तलाश में दबिश दे रही है.
अपराध कितना भी शातिर क्यों ना हो कानून के हाथ लंबे होते हैं. मृतिका के शव को नदी में बहाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी. लेकिन पुलिस ने मुख्य आरोपी सास को दबोच लिया है.
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