Ballia Land Dispute: बलिया में जमीन विवाद में पुलिस पर गंभीर आरोप, महिलाओं ने कहा- रिश्वत लेकर भी कर रहे परेशान

Ballia News Today: बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र में दो महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महिलाओं का कहना है कि उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन पर घर बनाने से रोका जा रहा है और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है. मामले में पुलिस पर पैसे लेने और विपक्षियों से मिलीभगत के आरोप लगाते हुए पीड़ितों ने डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की है.

Newzo

16 Apr 2026 (अपडेटेड: 16 Apr 2026, 12:21 PM)

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Ballia News Today: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है. रसड़ा थाना क्षेत्र के डेहरी गांव की दो महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है. आरोप है कि स्थानीय पुलिस विपक्षी पार्टी से मिलकर उन्हें उनकी अपनी ही पुश्तैनी जमीन पर घर बनाने से रोक रही है. और उन्हें फर्जी मुकदमों में फसाने की धमकी दे रही है.

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पीड़ित रीना देवी पत्नी सिनेश्वर कुमार और निर्मला देवी पत्नी कृष्णा कुमार का कहना है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर उनके ससुराल पक्ष के अन्य हिस्सेदार पहले से ही मकान बनाकर रह रहे है लेकिन जब इन महिलाओं ने अपने हिस्से की जमीन पर मकान बनाने के लिए सामग्री जुटाई और निर्माण शुरू करना चाहा तो वे पक्षियों ने उसमें अड़ंगा डाल दिया. रीना के पति सिनेश्वर ने बताया कि बटवारे के लिए जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद मेरे पाटीदारो ने अपने-अपने हिस्से पर घर बना लिया है. जब हम भी अपने हिस्से पर घर बनाने लगे तो पुलिस से मिलकर विवाद खड़ा किया जा रहा है.बताया रसड़ा थाने के कोतवाल ने हमसे 35 हज़ार रुपया नगद लिया और कहा कि आप अपना घर बनवाये, आरोप लगाया कि पैसे लेने के बाद भी कोतवाल साहब विपक्षियों से  मिलकर उल्टा हमे ही धमकी दे रहे है. जिसकी शिकायत आज डीएम से किया गया है.

पीड़ितों का सबसे चौंकाने वाला आरोप कोतवाली रसड़ा की पुलिस पर है महिलाओं ने बताया कि शिकायत करने पर पुलिस उनकी मदद करने के बजाय उन्हें ही डरा धमका रही है. हल्का पुलिस के एक इंस्पेक्टर पर आरोप है कि वह विपक्षी के रिश्तेदार, जो खुद चंदौली में पुलिस विभाग में तैनात है के मित्र है और उन्हीं के प्रभाव में आकर काम कर रहे हैं. महिलाओं का आरोप है कि पुलिस उन पर दबाव बना रही है कि वह अपने हिस्से की जमीन में से एक डिसमिल जमीन छोड़कर निर्माण करे जबकि विपक्षी अपने पूरे जमीन पर काबिज है. बताई 15 अप्रैल की रात दो गाड़ी से पुलिस दरवाज़े पर आई और सभी के साथ न केवल अभद्रता किया बल्कि फर्जी मुकदमें में फंसने की धमकी दी गयी.

महिलाओं ने बताया कि बीते 12 अप्रैल को पुलिस ने महिलाओं पर धारा 170, 126 और 135 के तहत चालान कर दिया. महिलाओं का कहना है कि उन्हें झूठे केस में फंसा कर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है. ताकि वह अपनी जमीन पर दावा छोड़ दें. बताई वर्तमान में त्रिपाल, करकट डालकर रहने को मजबूर है. डीएम से मांग किया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए. जमीन का सही सीमांकन कर उनका हिस्सा उन्हें दिलाया जाए. पुलिस द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को तुरंत रोका जाए.

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