Ballia Anganwadi vacancy 2026: उत्तर प्रदेश के बलिया में आंगनवाड़ी सहायिकाओं की भर्ती को लेकर प्रशासन पारदर्शिता की एक नई मिसाल पेश की है. भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतों को दूर करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने खुद कमान संभाली और खुली आपत्ति शिविर लगाकर मौके पर ही दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया.
ADVERTISEMENT
कलेक्ट्रेट स्थूत गंगा बहुद्देश्यीय सभागार में बेलहरी, रेवती और मनियर ब्लॉक के अभ्यर्थियों की भारी भीड़ जुटी. मामला आंगनवाड़ी सहायिकाओं की मेरिट लिस्ट और चयन प्रक्रिया से जुड़ा था. अक्सर ऐसी भर्तियों में पक्षपात के आरोप लगते है, लेकिन बलिया सीडीओ ने हर एक केंद्र से आए शिकायती आवेदनों का खुद अवलोकन किया.
सुनवाई के दौरान सीडीओ ने मौके पर ही मेरिट लिस्ट और आरक्षण चार्ट मंगवाकर पात्रता मानदंडों की क्रॉस चेकिंग की. दरअसल कई अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया को लेकर भ्रम था, जिन्हें साक्ष्यों के साथ समझाया गया. सीडीओ के हस्तक्षेप के बाद कई पत्र अभ्यर्थियों के चयन की स्थिति साफ हो गई, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई.
भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, प्रशासन का कड़ा रुख
सुनवाई के दौरान सीडीओ ने सख्त लहज़े में कहा कि शासन के मानकों के साथ कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने स्पष्ट किया की भर्ती पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस नीति पर आधारित है. कहां हमारा उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाना है. आज हर एक शिकायतकर्ता को सुना गया ताकि भविष्य में किसी भी पात्र अभ्यार्थी के साथ अन्याय न हो.
इस शिविर में जिला कार्यक्रम अधिकारी के साथ-साथ संबंधित ब्लॉकों के बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और उपयुक्त श्रम रोजगार भी मौजूद रहे. प्रशासन की सक्रियता ने उन लोगों को कड़ा संदेश दिया है जो भर्ती प्रक्रिया में धांधली की उम्मीद लगाए बैठे थे. बलिया में हुई इस खुली आपत्ति सुनवाई ने यह साफ कर दिया है कि अगर प्रशासन चाहे तो पारदर्शिता के साथ शिकायतों का निस्तारण चुटकियों में हो सकता है.
ADVERTISEMENT









