Ram Temple Donation Theft Case: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में एसआईटी की शुरुआती जांच ने कई अहम पहलुओं की ओर इशारा किया है. जानकारी के मुताबिक, 40 दिनों की उपलब्ध CCTV फुटेज की जांच के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं. जांच एजेंसी का दावा है कि गिनती कक्ष के अंदर कर्मचारियों को कई बार नकदी को कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते हुए देखा गया. इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हाईलेवल बैठक में भी जांच पर चर्चा की गई.
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक, एसआईटी ने 27 अप्रैल 2026 से 5 जून 2026 तक, यानी करीब 40 दिनों की उपलब्ध CCTV फुटेज का जांच किया. जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान गिनती कक्ष के भीतर लगभग 70 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें कर्मचारियों को कथित तौर पर नोटों की गड्डियां और खुले रुपये अपने कपड़ों, जेबों, जूतों तथा अन्य स्थानों पर छिपाते हुए देखा गया. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह कोई एक-दो बार की घटना नहीं थी, बल्कि कई दिनों तक दोहराई जाने वाली एक व्यवस्थित प्रक्रिया जैसी दिखाई दी. जानकारी के मुताबिक, गिनती कक्ष में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया. प्रवेश और निकास के समय कर्मचारियों की तलाशी नहीं ली गई और निजी सामान की निगरानी भी प्रभावी तरीके से नहीं की जा रही थी.
रिकॉर्ड सिस्टम में भी मिलीं कमियां
एसआईटी की प्रारंभिक जांच के अनुसार, कई हंडियों की नकदी को एक साथ मिलाकर गिना जाता था. वहीं, सोने-चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के रिकॉर्ड, सत्यापन और प्रबंधन की प्रक्रिया में भी गंभीर कमियां सामने आईं. जानकारी के मुताबिक, प्रथम दृष्टया छह लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी गई है. इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय और रामशंकर मिश्र के नाम शामिल बताए गए हैं. फिलहाल जांच एजेंसी इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है.
बैंक खातों और बरामद नकदी की भी हो रही जांच
रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों से लगभग 78.94 लाख रुपये की बरामदगी का संकेत मिला है. इसके अलावा 4 जून 2026 को गिनती कक्ष से करीब 2.25 लाख रुपये अतिरिक्त बरामद होने का भी उल्लेख किया गया है. जानकारी के मुताबिक, संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों में उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक नकद जमा और वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है. इसी बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की करीब पांच घंटे तक चली हाईलेवल बैठक में जांच की प्रगति, ट्रस्ट की आगे की रणनीति और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था, CCTV निगरानी, SOP के पालन, तलाशी प्रणाली और पर्यवेक्षण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता भी बताई है.
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