राम मंदिर में आभूषण गलाकर बनाया जा रहा था गोल्ड का बिस्कुट? SIT की जांच में सामने आया नया एंगल

आशीष श्रीवास्तव

• 12:07 PM • 04 Jul 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की SIT जांच में नया एंगल सामने आया है. जांच एजेंसियां इस आशंका की पड़ताल कर रही हैं कि चोरी किए गए आभूषणों को गलाकर उनकी पहचान मिटाने की कोशिश तो नहीं की गई.

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Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है. अब एसआईटी इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषणों को गलाकर उनकी पहचान मिटाने की कोशिश तो नहीं की गई. सूत्रों के मुताबिक, अब तक हुई छापेमारी में कथित चोरी से जुड़े आभूषण बरामद नहीं होने के बाद जांच एजेंसियों का संदेह और गहरा गया है. इसी कड़ी में आभूषणों के रिकॉर्ड, उनके रखरखाव और मिंट को भेजी गई बहुमूल्य धातुओं से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.

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मिंट को भेजी गई धातुओं की जांच

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अधिकारियों ने रामलला के दर्शन करने के बाद प्रभारी केडी बाबू से मंदिर में रखे आभूषणों, चढ़ावे की बहुमूल्य वस्तुओं और उनके रखरखाव की व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी ली. जांच टीम ने आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं से जुड़े अभिलेख, रिकॉर्ड तथा भारत सरकार के उपक्रम प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (मिंट) के साथ हुए लेन-देन का पूरा विवरण भी मांगा है. इसके अलावा बैंकों और मिंट को भेजी गई धातुओं का पूरा हिसाब भी खंगाला जा रहा है, ताकि पूरी प्रक्रिया की पुष्टि की जा सके.

सोने के बिस्कुट बनाने की आशंका पर भी जांच

जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं कथित तौर पर चोरी किए गए सोने और चांदी के आभूषणों को गलवाकर उनकी पहचान खत्म करने की कोशिश तो नहीं की गई. सूत्रों के मुताबिक, अब तक की कार्रवाई में संबंधित आभूषण बरामद नहीं हो सके हैं, जिसके चलते यह एंगल भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है. फिलहाल एसआईटी सभी उपलब्ध साक्ष्यों, रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है.

दान के रिकॉर्ड की भी हो रही पड़ताल

एसआईटी जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रस्ट की हर तीसरे महीने होने वाली बैठक में नकद दान और आय का विवरण रखा जाता था, लेकिन सोने-चांदी और अन्य बहुमूल्य दान सामग्री की मात्रा, मूल्यांकन तथा उपलब्ध स्टॉक का विस्तृत ब्यौरा नियमित एजेंडे का हिस्सा नहीं था. जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट ने पहले चरण में 9.44 क्विंटल (944 किलोग्राम) चांदी की जांच और गलाने के लिए भारत सरकार की संस्था मिंट को भेजी थी, ताकि उसकी गुणवत्ता और मात्रा का मूल्यांकन किया जा सके. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पहले सार्वजनिक रूप से बता चुके हैं कि मंदिर को दान में करीब 13 क्विंटल चांदी और 20 किलोग्राम सोना प्राप्त हुआ था. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और एसआईटी सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई करेगी.