'मुझे कुछ नहीं पता, मुझे कोई नोटिस नहीं मिला...' राम मंदिर चंदा चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार लवकुश मिश्रा की पत्नी ने बताया सबकुछ, दादा ने कही बड़ी बात!

आशुतोष चौबे

• 09:34 AM • 03 Jul 2026

अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी और दादा के बयान सामने आए. परिवार ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए न्याय की मांग की.

Lavkush Mishra Ram Temple Case

Lavkush Mishra Ram Temple Case

Google CTA

Lavkush Mishra Ram Temple Case: राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के परिवार की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. आरोपी की पत्नी सुप्रिया मिश्रा ने कहा कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं है और उन्हें किसी तरह का कोई नोटिस भी नहीं मिला है. वहीं, लवकुश मिश्रा के दादा जगदंबा प्रसाद ने अपने पोते का बचाव करते हुए कहा कि वह कभी किसी विवाद में नहीं रहा और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उसका नाम इस मामले में कैसे आया.

यह भी पढ़ें...

पत्नी बोलीं- 'मुझे कोई नोटिस नहीं मिला'

मीडिया से बातचीत में सुप्रिया मिश्रा ने बताया कि उनका मकान सहादतगंज के पास बन रहा है. विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस भेजे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा 'मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता. मुझे कोई नोटिस नहीं मिला है. शहादतगंज के पास मेरा घर बन रहा है.' पति के मामले पर उन्होंने कहा 'मेरे पति मुझसे इस बारे में कोई बात नहीं करते थे, तो मैं क्या बताऊँ? अब तो वह जेल में हैं.' सरकार से उनकी अपेक्षा क्या है, इस सवाल पर उन्होंने कहा 'हम यही चाहते हैं कि न्याय मिले.'
 

सुप्रिया मिश्रा ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उनके पति कुछ समय तक राम मंदिर में कार्यरत रहे थे. उनके अनुसार 'वह 2-3 महीने तक राम मंदिर में काम कर रहे थे.' हालांकि उन्होंने पूरे मामले से जुड़ी किसी अन्य जानकारी होने से इनकार किया और कहा कि उन्हें घटनाक्रम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है.

दादा बोले- 'मेरा पोता कभी झगड़े में नहीं पड़ा'

लवकुश मिश्रा के दादा जगदंबा प्रसाद ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें 7 तारीख की शाम को पता चला कि उनके पोते का नाम इस मामले में आया है. उन्होंने कहा 'मेरा पोता ऐसा इंसान है जिसने आज तक किसी से कोई झगड़ा या विवाद नहीं किया. मुझे नहीं पता कि यह कैसे हुआ.' उन्होंने बताया कि लवकुश राम मंदिर में दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक काम करता था, जबकि सुबह से दोपहर तक गाड़ियों का काम करता था.
 

जगदंबा प्रसाद ने बताया कि पिछले करीब दो महीने से उनकी अपने पोते से मुलाकात नहीं हुई है. उन्होंने कहा 'मैं उससे मिला नहीं हूँ, दो महीने हो गए हैं. पुलिस उसके पिता को भी ले गई.' फिलहाल राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच जारी है और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं.