Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच अब एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट को कथित गड़बड़ी की जानकारी औपचारिक एफआईआर दर्ज होने से पहले ही मिल गई थी. बताया जा रहा है कि 5 जून को ट्रस्ट के निर्देश पर पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई भी की थी. इसी बीच 5 जून का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी अविनाश शुक्ला पुलिस की मौजूदगी में नजर आ रहा है. दूसरी ओर, पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों के घरों पर दोबारा छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किए हैं.
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CCTV फुटेज से सामने आए नए तथ्य
सूत्रों के अनुसार 5 जून को चंपत राय के निर्देश पर ट्रस्ट के प्रतिनिधि पुलिस टीम के साथ आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर पहुंचे थे. इसी दौरान पुलिस ने अविनाश शुक्ला को हिरासत में लिया और उसके पास से नकदी भी बरामद की गई. हालांकि उस समय ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी. बताया जा रहा है कि शुरुआती कार्रवाई अनौपचारिक स्तर पर हुई थी, जबकि मामला 7 जून को सार्वजनिक रूप से सामने आया. इसी बीच 5 जून 2026 की रात 8 बजकर 13 मिनट का 24 सेकंड का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी और बैंक कर्मचारी अविनाश शुक्ला को सफेद रंग की कार की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में उसके हाथ में एक काला बैग भी नजर आता है. सूत्रों का दावा है कि इसी बैग में बरामद नकदी रखी गई थी और पुलिस ने उसके पास से करीब 5 लाख रुपये बरामद किए थे.
आरोपियों के घरों पर फिर कार्रवाई
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की. स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस टीमों ने लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव समेत अन्य आरोपियों के घरों की तलाशी ली. इस दौरान कुछ घरों से जेवरात, प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक से संबंधित कागजात बरामद किए गए. पुलिस अब इन दस्तावेजों और संपत्तियों का सत्यापन कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका संबंध कहीं राम मंदिर चढ़ावा चोरी की रकम से तो नहीं है. साथ ही पुलिस ने आरोपियों के परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर उनकी गतिविधियों और आर्थिक पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई है.
रिमांड की तैयारी में पुलिस
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं. ये सभी राम मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिलने वाली नकदी और कीमती सामान की गिनती के काम से जुड़े थे. पुलिस अब तक आरोपियों के ठिकानों से 79.85 लाख रुपये बरामद कर चुकी है. मामले में भारतीय न्याय संहिता की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति रखने, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. यह एफआईआर तीन सदस्यीय एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई थी. पुलिस अब अदालत में आरोपियों की कस्टडी रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है, ताकि मामले से जुड़े बाकी तथ्यों और संभावित संपत्तियों की भी गहराई से जांच की जा सके.
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