'रावण ने तो माता जानकी की चोरी की थी, इन्होंने तो...', राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आरोपियों पर जमकर बरसे!

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिक्रिया के बाद मामला और चर्चा में है. SIT जांच जारी है, 8 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और मामले में कार्रवाई तेज हो गई है.

Dhirendra Krishna Shastri Statement On Ram Temple

Dhirendra Krishna Shastri Statement On Ram Temple (Photo: AI Generated)

यूपी तक

• 09:51 AM • 27 Jun 2026

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Dhirendra Krishna Shastri Statement On Ram Temple: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इस मामले में अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह केवल पैसों की चोरी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय है. वहीं दूसरी ओर मामले की जांच तेज हो गई है. अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और विशेष जांच दल (SIT) पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रहा है.

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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा?

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा 'रावण तो ये भी हैं, बस रूप बदल गए हैं. रावण ने तो माता जानकी की चोरी की थी, इन्होंने तो राम मंदिर के दान पात्र में लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी की है. करोड़ों लोगों का भरोसा चोरी हुआ है. हमें खबर मिली है कि एफआईआर हुई है, अभी और जांच होगी और कई लोग पकड़े जाएंगे.' उन्होंने आगे कहा 'इतना हम कह सकते हैं कि सच तो सच है. सीता को चुराने वाले रावण का वंश नाश हुआ था. राम मंदिर में चोरी करने वालों को सरकारी दंड तो मिलेगा ही, साथ ही भगवान महादंड भी देंगे.'

8 आरोपी हुए गिरफ्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई. इस मामले में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद आरोपी बनाया गया है. सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. एसआईटी प्रमुख एवं लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी, जिसमें सख्त कार्रवाई की संस्तुति की गई थी. इसके बाद गुरुवार को एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई.

संतोष दुबे ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस तेज कर दी है. बाबरी ढांचा विध्वंस मामले के प्रमुख आरोपियों में रहे संतोष दुबे ने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे स्तर के लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर व्यवस्था और निर्णय लेने की जिम्मेदारी थी, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. संतोष दुबे ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों डॉ. अनिल मिश्रा, चंपत राय और गोपाल राव का नाम लेते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा 'यदि किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है तो सभी संबंधित लोगों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए. पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए.' फिलहाल एसआईटी मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है.