'दोषियों को जरूर सजा मिलनी चाहिए...',  राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले में सामने आए रामलला के शिल्पकार अरुण योगीराज, श्रद्धालुओं की आस्था को लेकर कही बड़ी बात

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में रामलला की प्रतिमा के शिल्पकार अरुण योगीराज ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा पर जोर दिया.

Arun Yogiraj Statement On Ayodhya Ram Temple

Arun Yogiraj Statement On Ayodhya Ram Temple (Photo: AI Generated)

यूपी तक

• 08:17 AM • 27 Jun 2026

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Arun Yogiraj Statement On Ayodhya Ram Temple: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर देशभर में चर्चा जारी है. इस मामले में अब रामलला की प्रसिद्ध प्रतिमा के शिल्पकार अरुण योगीराज की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर दुख जताते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले की सच्चाई जल्द सामने आनी चाहिए. वहीं, इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं.

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योगीराज ने रखी अपनी बात

मैसूर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अरुण योगीराज ने कहा, 'यदि कोई गलती हुई है, तो यह तय किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. इस मामले के दोषियों को जरूर सजा मिलनी चाहिए."** उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है. योगीराज ने उम्मीद जताई कि जांच के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहेगा.

ट्रस्ट के सदस्यों ने क्या कहा?

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य विश्व प्रसन्न तीर्थ स्वामीजी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'ऐसा गंभीर अपराध नहीं होना चाहिए था. यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों को कड़ा दंड मिलना चाहिए.' उन्होंने यह भी कहा कि 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में वह शामिल होंगे और मामले की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही विस्तृत टिप्पणी करेंगे. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत द्वारा दान की रसीद को लेकर लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस विषय की जानकारी नहीं है, लेकिन इतनी बड़ी राशि का दान देने वालों को रसीद अवश्य लेनी चाहिए. उनके मुताबिक, यह जिम्मेदारी दान लेने वाले और दान देने वाले दोनों पक्षों की होती है.

सरकार की जांच पर जताया भरोसा

विश्व प्रसन्न तीर्थ स्वामीजी ने कहा, 'अयोध्या का राम मंदिर पूरे देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. यदि ऐसा अपराध हुआ है तो दोषियों को उचित सजा मिलनी चाहिए और यह भी सामने आना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों और कैसे हुआ.' उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार पर पूरा भरोसा है कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी. वहीं, इस पूरे मामले पर देशभर के श्रद्धालुओं की नजर बनी हुई है और जांच के अगले चरण का इंतजार किया जा रहा है.

(पीटीआई के इनपुट से)