Champat Rai Interrogation News: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी मामले में जांच तेज हो गई है. इस केस में पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से सोमवार को पहली बार करीब तीन घंटे तक पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया. पूछताछ के दौरान प्रशासनिक निर्णयों, चढ़ावा प्रबंधन, कर्मचारियों की जवाबदेही और शिकायत निस्तारण से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए. मामले में अब SIT की जांच और भी गहराई में पहुंच गई है.
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चंपत राय ने क्या-क्या बताया?
पूछताछ के दौरान चंपत राय ने चढ़ावा चोरी मामले में अपनी किसी भी भूमिका से साफ इनकार किया. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा 'मेरी चढ़ावा चोरी में कोई भूमिका नहीं है. टिन्नू यादव ने गलत किया, इसकी जानकारी मिलते ही मैंने संदिग्धों को पकड़वाया और एफआईआर दर्ज कराई. कोई हेरफेर न हो, इसकी जिम्मेदारी मेरी थी. टिन्नू यादव बहुत पहले से जुड़ा था, उसने गलत किया, इसकी उम्मीद नहीं थी.' उन्होंने आगे यह भी बताया कि जरूरतमंदों को काम पर रखने का निर्णय ट्रस्ट के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर लिया गया था. इस दौरान अनिल और गोपाल राव का भी उल्लेख किया गया.
ट्रस्ट और बैंक व्यवस्था पर उठे सवाल
SIT जांच में यह भी सामने आया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच दान-पात्र गणना प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जो MOU हुआ था, उसका पूरी तरह पालन नहीं हुआ.
फरवरी 2025 में हुए समझौते में दान-पात्र खोलने और गणना के समय ट्रस्ट और बैंक अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति अनिवार्य थी, साथ ही कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड और बैंक अधिकारियों का मासिक रोटेशन भी तय किया गया था. लेकिन सूत्रों के अनुसार इन नियमों का नियमित पालन नहीं हो सका. इसके अलावा दान-पात्र की राशि का अलग-अलग रिकॉर्ड रखना, रैंडम तलाशी और क्रमवार गणना जैसी व्यवस्थाएं भी कई स्तरों पर लागू नहीं की गईं. इसी कारण निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
निगरानी तंत्र की नाकामी और प्रशासनिक कार्रवाई
कड़ी सुरक्षा के बावजूद चढ़ावे की कथित चोरी सामने आने के बाद निगरानी तंत्र की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं. इसी क्रम में RMO अर्जुन देव पर कार्रवाई की गई है. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि किन स्तरों पर लापरवाही हुई और किन कारणों से व्यवस्था कमजोर पड़ी.
आरोपियों की संपत्ति और बैंक रिकॉर्ड की जांच
SIT अब इस मामले में आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों की गहन जांच कर रही है. गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों से पिछले तीन वर्षों की चल और अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा मांगा गया है. उनसे यह भी पूछा जा रहा है कि उन्होंने इस अवधि में क्या-क्या खरीदा, कितनी जमीन ली, मकान या आभूषण आदि पर कितना खर्च किया. सूत्रों के मुताबिक आरोपी लवकुश ने अपनी पत्नी के नाम पर जमीन खरीदी थी और वहां तीन मंजिला आलीशान मकान बनाया गया है, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च होने का अनुमान है. वहीं अनुकल्प की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है.
टिन्नू यादव की बैंक डिटेल और जब्ती
जांच के दौरान टिन्नू यादव की बैंक डिटेल खंगाली गई है और उसके पास से कुछ आभूषण भी जब्त किए गए हैं. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी की कथित रकम का इस्तेमाल किन-किन माध्यमों से किया गया और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे. फिलहाल SIT की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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