Ram Mandir Donation System: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं. ट्रस्ट ने मंदिर में कार्यरत सभी 349 कर्मचारियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है. इसके साथ ही चढ़ावे की गिनती की पूरी व्यवस्था बदलते हुए इस काम से जुड़े पुराने 36 कर्मियों को इस प्रक्रिया से हटा दिया गया है.. ट्रस्ट का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता को रोकना है.
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349 कर्मचारियों की होगी स्क्रीनिंग
चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट अब मंदिर की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है. इसी क्रम में मंदिर में कार्यरत सभी 349 कर्मचारियों की स्क्रीनिंग शुरू की गई है. इस प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों के कार्य, उनकी जिम्मेदारियों और पृष्ठभूमि की भी जांच की जाएगी. ट्रस्ट का मानना है कि इससे व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता की संभावना कम होगी.
36 पुराने कर्मियों को हटाया गया
सबसे बड़ा बदलाव मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे की गणना को लेकर किया गया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने मिलकर नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत अब तक चढ़ावे की गिनती में शामिल रहे 36 पुराने कर्मियों को इस प्रक्रिया से पूरी तरह हटा दिया गया है. अब नकद चढ़ावे की गिनती का पूरा जिम्मा एसबीआई द्वारा अधिकृत नए स्टाफ को सौंपा जाएगा. ट्रस्ट का मानना है कि इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनेगी.
आज ट्रस्ट की अहम बैठक
इधर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज महत्वपूर्ण बैठक भी होने जा रही है. बैठक में ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे और मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. नए महासचिव के चयन के साथ-साथ लंबे समय से खाली पड़े दो महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्ति होने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट का नया महासचिव विश्व हिंदू परिषद से चुना जा सकता है. बैठक दो चरणों में होगी, जिसमें पहले सत्र में रिक्त पदों पर चर्चा और दूसरे सत्र में अन्य प्रशासनिक विषयों पर मंथन किया जाएगा.
नई व्यवस्था पर होगा मंथन
सूत्रों के मुताबिक, हाल में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण और उसके बाद हुई जांच को देखते हुए ट्रस्ट नई कार्यप्रणाली, जवाबदेही बढ़ाने और वित्तीय निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रहा है. बैठक में चढ़ावे की गणना, लेखा प्रणाली, बैंकिंग व्यवस्था, निगरानी तंत्र और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों से जुड़े नए नियमों पर भी विस्तार से चर्चा होगी. ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे के बाद खाली हुए पदों पर नए नामों की घोषणा भी की जा सकती है.
एक संत को भी मिल सकती है जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन से रिक्त हुए पद पर उनके पुत्र, राज परिवार के सदस्य और साहित्यकार यतींद्र मिश्र के चयन की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा ट्रस्ट में अयोध्या के किसी एक संत को भी जिम्मेदारी दी जा सकती है. ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत हो तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
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