Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है. इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महीने का अतिरिक्त समय दिया है. एसआईटी ने जांच पूरी करने के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी. अब टीम तय अवधि के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. इस बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एसआईटी के पुनर्गठन की भी तैयारी शुरू हो गई है, जिससे जांच को और अधिक निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है.
ADVERTISEMENT
SC के निर्देश के बाद नई SIT की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में कराने की सलाह दी है. इसी के बाद नई एसआईटी के गठन की प्रक्रिया तेज हुई है. बताया जा रहा है कि आईबी, सीबीआई और एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसियों में काम कर चुके वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी किरण एस नई एसआईटी का नेतृत्व कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित टीम में तीन आईपीएस अधिकारियों को शामिल किए जाने की संभावना है, जबकि मौजूदा टीम में शामिल आईएएस अधिकारियों को हटाया जा सकता है. अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से जांच की विश्वसनीयता और पारदर्शिता और मजबूत होगी.
रिपोर्ट सीधे SC को सौंपे जाने की तैयारी
जानकारी के अनुसार, नई एसआईटी अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को देने के बजाय सीधे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश कर सकती है. माना जा रहा है कि ऐसा होने से जांच प्रक्रिया अधिक स्वतंत्र और निष्पक्ष रहेगी. फिलहाल टीम विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है और अतिरिक्त समय का उपयोग उन बिंदुओं की जांच में किया जाएगा, जिनकी पुष्टि अभी बाकी है. जांच एजेंसियां मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की भी विस्तार से जांच कर रही हैं.
आरोपियों से हुई लंबी पूछताछ
उधर, मामले के मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव की 39 घंटे की पुलिस रिमांड पूरी हो चुकी है. रिमांड के दौरान अयोध्या पुलिस और क्षेत्राधिकारी (अयोध्या) आशुतोष तिवारी की टीम ने दोनों से कई दौर की पूछताछ की. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं. पुलिस अब उन तथ्यों का सत्यापन कर रही है और उनसे जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.
वाहन, निवेश और फर्म से जुड़े सुरागों की जांच
सूत्रों के मुताबिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि टिन्नू यादव ने कथित तौर पर चढ़ावे से जुड़े धन का उपयोग वाहन खरीदने और शेयर बाजार में निवेश करने के लिए किया. पुलिस ने उसके कब्जे से एक अर्टिगा कार और एक रॉयल एनफील्ड बुलेट भी बरामद की है. इसके अलावा पूछताछ में यह भी पता चला कि टिन्नू यादव की पत्नी के नाम से एक फर्म पंजीकृत है, जिसके जरिए व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की गईं. पुलिस अब इस फर्म के वित्तीय रिकॉर्ड और लेन-देन की जांच कर रही है.
शेयर निवेश की भी पड़ताल शुरु
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि टिन्नू यादव के बेटे रवि यादव के नाम पर सहादतगंज क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त और शेयर बाजार में निवेश से जुड़े तथ्य मिले हैं. पुलिस इन सभी वित्तीय पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है. इस बहुचर्चित मामले में अब तक आठ आरोपियों में से छह की पुलिस रिमांड ली जा चुकी है. जांच के दौरान नकदी, आभूषण और कई वाहन भी बरामद किए गए हैं. फिलहाल एसआईटी अतिरिक्त समय के दौरान सभी साक्ष्यों को एकत्र कर जांच को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है.
ADVERTISEMENT











