चढ़ावा चोरी का आरोपी टिन्नू यादव निकला असली खिलाड़ी! पत्नी की कंपनी बनी और पहले ही साल मिला 45 लाख का काम

संतोष शर्मा

• 01:09 PM • 17 Jul 2026

Tinnu Yadav News: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में टिन्नू यादव की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार, आरोपी की पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन कंपनी को पहले ही साल 45 लाख रुपये का सरकारी PWD ठेका मिला था. मामले में मनी ट्रेल की जांच जारी है.

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Tinnu Yadav News: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे भी सामने आ रहे हैं. इस मामले के मुख्य आरोपी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उससे जुड़े लोगों के वित्तीय लेन-देन की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. अब पुलिस की जांच कथित मनी ट्रेल तक पहुंच गई है, जिसके बाद आरोपी की पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड एक कंस्ट्रक्शन कंपनी भी जांच के दायरे में आ गई है.

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बैंक खातों की जांच में सामने आई मनी ट्रेल

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू यादव और उसकी पत्नी पूनम देवी के बैंक खातों की जांच के दौरान एक बड़ी मनी ट्रेल सामने आई. इसी जांच के आधार पर पुलिस आरोपी की पत्नी के नाम से संचालित कंस्ट्रक्शन फर्म तक पहुंची. जांच में पता चला है कि यह कंस्ट्रक्शन फर्म साल 2023 में पूनम देवी के नाम पर रजिस्टर्ड कराई गई थी. यह कंपनी लोक निर्माण विभाग (PWD) में पंजीकृत है. जांच में यह भी सामने आया है कि रजिस्ट्रेशन के पहले ही साल इस फर्म को 45 लाख रुपये का सरकारी काम मिला था.

जून में सामने आया था चढ़ावा गबन का मामला

जून के पहले सप्ताह में अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और गबन का मामला सामने आया था. आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया और शुरुआती जांच के लिए 15 दिन का समय दिया. एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी.

एफआईआर के बाद आठ आरोपी गिरफ्तार

एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं. पुलिस कथित गबन की राशि और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है.

नकदी, सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा भी बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य सामान बरामद किया. सबसे अधिक 20.39 लाख रुपये नकद अविनाश शुक्ला के पास से मिले. इसके अलावा सोना, चांदी, विदेशी मुद्रा और 'रामराज्य कोष' नाम से लिखा एक दानपात्र भी बरामद किया गया है. पुलिस बरामदगी के आधार पर मनी ट्रेल और कथित गबन से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.