Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. पुलिस पूछताछ में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके बाद मंदिर प्रशासन ने चढ़ावे की गिनती की पूरी व्यवस्था बदल दी है. बता दें जांच में शामिल पुलिस सूत्रों के अनुसार करीब 40 दिनों के भीतर तौर पर 70 बार चढ़ावे से रकम निकाली गई. केवल इतना ही नहीं कुछ दिनों में एक ही दिन दो-दो और तीन-तीन बार भी चोरी की घटनाएं हुईं. इन जानकारियों के सामने आने के बाद अब चढ़ावे की गिनती दो शिफ्ट के बजाय केवल एक शिफ्ट में कराने का फैसला लिया गया है.
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पूछताछ में सामने आए कई अहम इनपुट
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से विस्तार से पूछताछ की. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में यह जानकारी मिली कि चोरी की अधिकांश घटनाएं सीमित समयावधि में हुईं. जांच में यह भी सामने आया कि पहली शिफ्ट के दौरान ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई, जबकि दूसरी शिफ्ट में बार-बार तौर पर रकम निकाले जाने के इनपुट मिले. अब जांच एजेंसियां इन बयानों का अन्य दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान कर रही हैं.
अविनाश शुक्ला पर जांच का फोकस
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में अविनाश शुक्ला की भूमिका सबसे अधिक सामने आई है. पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर दावा किया गया है कि उसने अकेले 50 से अधिक बार तौर पर चढ़ावे से रकम निकाली. जांच में यह भी सामने आया कि कुछ दिनों में आरोपियों ने एक ही दिन दो-दो बार रकम निकालने का प्रयास किया, जबकि पांच ऐसे दिन भी बताए गए, जब तौर पर एक ही दिन तीन-तीन बार चोरी हुई. जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस पूरी प्रक्रिया में अन्य आरोपियों की भूमिका क्या रही और वे किस तरह एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहे थे.
अब एक ही शिफ्ट में होगी चढ़ावे की गिनती
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटनाएं उस समय हुईं, जब चढ़ावे की गणना दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक चलने वाली दूसरी शिफ्ट में होती थी. इसी के बाद मंदिर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए पूरी व्यवस्था में बदलाव कर दिया है. अब चढ़ावे की गिनती सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक केवल एक ही शिफ्ट में कराई जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि इससे निगरानी बेहतर होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच जारी रखे हुए है और पूछताछ में सामने आए तथ्यों का अन्य साक्ष्यों के साथ मिलान किया जा रहा है, ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके.
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