'यह केस एक कलंक है...', अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बोले नृपेंद्र मिश्रा, व्यवस्था परिवर्तन पर भी दी सफाई

संतोष शर्मा

• 02:52 PM • 11 Jul 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने इसे 'कलंक' बताया. अयोध्या में 22 जुलाई के बाद सुरक्षा, चढ़ावा प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलाव लागू किए जा सकते हैं.

 Nripendra Mishra Ram Mandir Statement

Nripendra Mishra Ram Mandir Statement (Photo: AI)

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Ayodhya Ram Mandir Donation Theft News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सख्त रुख अपनाया है. ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीर बताते हुए इसे 'कलंक' तक कह दिया. उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद भगवान रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं और ऐसे समय इस तरह की घटना सामने आना पूरे ट्रस्ट और उससे जुड़े लोगों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्थाओं में जरूरी सुधार किए जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक यह भी बताया जा रहा है कि 22 जुलाई के बाद मंदिर प्रशासन, सुरक्षा और श्रद्धालु सुविधाओं से जुड़े कई अहम बदलाव लागू किए जा सकते हैं.

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नृपेंद्र मिश्रा ने क्या कहा?

शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने कहा 'यह केस एक कलंक है. लंबे अरसे तक चले राम मंदिर आंदोलन के बाद भगवान रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं. ऐसे में मंदिर से जुड़ी इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे हम सभी अपने आप को छोटा महसूस करते हैं.' उन्होंने कहा कि ट्रस्ट इस पूरे मामले को पूरी गंभीरता से देख रहा है और श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. इसी उद्देश्य से मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत तथा पारदर्शी बनाया जाएगा.

प्रशासनिक व्यवस्था में भी होंगे बदलाव?

ट्रस्ट ने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. इसके लिए उच्च स्तर की एक समिति बनाई गई है, जो योग्य उम्मीदवारों के नामों पर विचार करेगी. इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अंतिम फैसला करेगा. नृपेंद्र मिश्रा ने कहा 'मंदिर की गरिमा, पारदर्शिता और सुचारु प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा.' उनका कहना है कि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह बनाया जाएगा.

जल्द नई व्यवस्थाओं पर लग सकती है मुहर

ट्रस्ट 22 जुलाई के बाद मंदिर संचालन से जुड़ी कई नई व्यवस्थाएं लागू करने की तैयारी में है. प्रस्तावित बदलावों में दर्शन व्यवस्था, पूजा-पद्धति, राग-भोग, चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार शामिल हैं. ट्रस्ट इन बदलावों को अंतिम रूप देने से पहले संत समाज और रामानंदीय परंपरा के विद्वानों के सुझाव भी ले रहा है. सूत्रों के अनुसार 22 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक में इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है. इसी बैठक में ट्रस्ट के नए महासचिव और रिक्त पदों पर नियुक्तियों पर भी फैसला होने की संभावना है.

सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस

चढ़ावा चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है. ट्रस्ट का लक्ष्य दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम, चढ़ावा प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी और प्रशासनिक प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने भी संकेत दिए हैं कि संत समाज के सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा. वहीं, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र ने निर्मोही अखाड़ा के महंत एवं ट्रस्टी दिनेंद्र दास से पूजा-पद्धति को लेकर विस्तृत सुझाव लिए हैं. महंत दिनेंद्र दास ने रामानंदीय परंपरा के अनुरूप शास्त्रीय विधि-विधान और पूजा व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया है. इससे आने वाले समय में राम मंदिर की व्यवस्थाओं में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं.