'दान के पैसों से खरीदी जमीन, भंडारे कराए, गिफ्ट्स बांटे...', चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी मनीष यादव ने खोले कई बड़े राज!

आशीष श्रीवास्तव

• 11:00 AM • 19 Jul 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी मनीष यादव ने पूछताछ में चोरी की बात स्वीकार की है. जांच में टिन्नू यादव की भूमिका, चोरी की रकम के इस्तेमाल और उससे जुड़े अन्य लोगों की भी गहराई से जांच की जा रही है.

Manish Yadav Confession

Manish Yadav Confession (Photo Enhanced By AI)

Google CTA

Ram Mandir Chadhava Chori Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है. पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी मनीष यादव ने पूछताछ में चढ़ावे की रकम में चोरी करने की बात स्वीकार की है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने नौकरी मिलने के कुछ समय बाद ही यह सिलसिला शुरू कर दिया था. पूछताछ में टिन्नू यादव की भूमिका को लेकर भी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. पुलिस अब चोरी की रकम के इस्तेमाल, निवेश और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है.

यह भी पढ़ें...

टिन्नू यादव को रहती थी जानकारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अदालत से मिले 39 घंटे के रिमांड के दौरान मनीष यादव और टिन्नू यादव से अलग-अलग चरणों में पूछताछ की गई. इसी दौरान मनीष यादव ने स्वीकार किया कि नौकरी लगने के कुछ समय बाद उसने चढ़ावे की रकम में चोरी करनी शुरू कर दी थी. पूछताछ में उसने बताया कि चोरी की जानकारी टिन्नू यादव को भी दी जाती थी. वहीं, टिन्नू यादव ने भी यह स्वीकार किया कि मनीष की नौकरी लगवाने में उसकी भूमिका थी और उसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी रहती थी.

भंडारे, महंगे गिफ्ट तक पहुंची जांच

जांच में सामने आया है कि चोरी की रकम का इस्तेमाल कई अलग-अलग कामों में किया गया. पुलिस के अनुसार, इस पैसे से भंडारे कराए गए, महंगे उपहार खरीदे गए और जमीनों में भी निवेश किया गया. इसी कड़ी में पुलिस ने आरोपियों के करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ कर निवेश से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन शुरू कर दिया है. अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक लेनदेन की पूरी कड़ी जोड़ने के बाद मामले में और भी अहम तथ्य सामने आ सकते हैं.

कंपनी के जरिए रकम वैध दिखाने की आशंका

पूछताछ में यह भी सामने आया कि टिन्नू यादव ने चंपत राय की आईडी के एक्सेस का इस्तेमाल कर वीआईपी पास बनवाए और लोगों को दर्शन कराने की व्यवस्था की. जांच के दौरान सहादतगंज में बेटे रवि यादव के नाम खरीदी गई जमीन और पत्नी के नाम संचालित सौंदर्य कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस के दायरे में आए हैं. जांच एजेंसियों को आशंका है कि चोरी की रकम को इस फर्म के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई. इसी पहलू की जांच के लिए जीएसटी अधिकारियों से भी संपर्क करने की तैयारी की जा रही है. इसके अलावा पूछताछ में दो-तीन अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच जारी है.

22 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई 2026 (बुधवार) को शाम 4 बजे अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में आयोजित होगी. इसकी सूचना ट्रस्ट के महासचिव कृष्ण मोहन की ओर से जारी की गई है. बैठक में 6 जुलाई 2026 को हुई ट्रस्ट बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की जाएगी. इसके साथ ही 22 जुलाई को दोपहर 3 बजे प्रस्तावित विशेष बैठक की कार्यवाही पर भी मुहर लगाई जाएगी. ट्रस्ट की नियमावली के अनुसार विभिन्न समितियों के पुनर्गठन पर भी निर्णय लिया जाएगा.

SIT की अंतिम रिपोर्ट पर रहेगी नजर

बैठक के एजेंडे में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट भी शामिल है. यदि बैठक तक रिपोर्ट ट्रस्ट को मिल जाती है तो उस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. इसके अलावा अध्यक्ष की अनुमति से अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा. ट्रस्ट ने सभी सदस्यों से निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित रहने का अनुरोध किया है. वहीं, दूसरी ओर पुलिस आर्थिक लेनदेन, संपत्तियों और मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच को आगे बढ़ा रही है, जिससे आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और नए तथ्य सामने आने की संभावना बनी हुई है.