यूपी में एनकाउंटर में मारा गया भानु प्रताप सिंह कौन? पूर्वांचल के अंडरवर्ल्ड को लगा तगड़ा झटका

मयंक शुक्ला

08 Jun 2026 (अपडेटेड: 08 Jun 2026, 03:41 PM)

अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में रविवार देर रात यूपी एसटीएफ और कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बब्लू के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह मारा गया. एक लाख रुपये से अधिक के इनामी भानु प्रताप पर हत्या, लूट, अपहरण, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत 40 से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज थे.

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भानु प्रताप सिंह

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अयोध्या, उत्तर प्रदेश: यूपी में अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है. स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी, शार्प शूटर और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह उर्फ बब्लू मारा गया. मामला अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में रविवार देर रात का है.

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भानु प्रताप पर पुलिस ने एक लाख रुपये से ज्यादा का इनाम रखा था. मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे तुरंत अयोध्या मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

आधी रात को कैसे हुआ एनकाउंटर?

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज एसटीएफ की टीम को खबर मिली थी कि कुख्यात बदमाश भानु प्रताप सिंह अयोध्या के महाराजगंज इलाके में छिपा हुआ है. सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर जे.पी. राय के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी.

खुद को घिरा देख बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से भी गोलियां चलीं, जिसमें एक गोली भानु प्रताप के सीने में जा लगी. पुलिस उसे देर रात मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मुठभेड़ की खबर मिलते ही अयोध्या पुलिस और एसटीएफ के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई.

कौन था भानु प्रताप सिंह?

  • भानु प्रताप सिंह मूल रूप से गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के बिखनापुर गांव का निवासी था.
  • भानु प्रताप पर अलग-अलग जिलों से 1 लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम घोषित थे. आजमगढ़, अंबेडकरनगर और गोरखपुर समेत कई जिलों की पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी.
  • पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों से जुड़ा हुआ था और पूरे इलाके में उसका खौफ था.

40 से ज्यादा केस दर्ज

भानु प्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और खौफनाक था. साल 2010 से लेकर 2025 तक उसके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज होते रहे. उस पर गोरखपुर, आजमगढ़, संतकबीरनगर, मऊ, बस्ती, देवरिया और अंबेडकरनगर जैसे जिलों में 40 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज थे, जिनमें शामिल हैं...

  1. हत्या और हत्या की साजिश (मर्डर और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग)
  2. मर्डर की कोशिश, लूट और डकैती
  3. किडनैपिंग (अपहरण), धोखाधड़ी और जालसाजी
  4. गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट और आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार रखना)

सबसे ज्यादा मुकदमे गोरखपुर, आजमगढ़ और संतकबीरनगर में दर्ज थे. वह कई मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था और कोर्ट से उसके खिलाफ वारंट भी जारी हो चुके थे.

पूर्वांचल के अंडरवर्ल्ड को बड़ा झटका

यूपी पुलिस और एसटीएफ इस कार्रवाई को बड़ी कामयाबी मान रही है. पुलिस का कहना है कि भानु प्रताप सिंह के मारे जाने से पूर्वांचल में सक्रिय कई आपराधिक गैंग कमजोर पड़ेंगे. साथ ही, उसके खात्मे से लंबे समय से अटते मामलों के सुराग मिलने की उम्मीद है, जिससे लंबे समय से अटकी जांच को नई दिशा मिलेगी.