Amethi News: अमेठी असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ई-श्रम योजना से जुड़कर अब अमेठी के 8 लाख 44 हजार 9 श्रमिकों को डिजिटल पहचान मिल गई है. इस योजना ने जिले के लाखों मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों, घरेलू कामगारों और छोटे कारीगरों को एक नई पहचान दी है.
ADVERTISEMENT
ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद श्रमिकों को ई-श्रम कार्ड जारी किया जाता है. यह कार्ड सिर्फ पहचान पत्र नहीं है, बल्कि सुरक्षा का कवच भी है. रजिस्टर्ड श्रमिकों को अब सरकार की दूसरी कल्याणकारी योजनाओं में भी प्राथमिकता मिलेगी. चाहे आवास योजना हो या स्वास्थ्य बीमा, इन श्रमिकों को सबसे पहले लाभ देने का प्रावधान किया गया है.
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ दुर्घटना बीमा है. रजिस्ट्रेशन के बाद अगर किसी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसके परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. आंशिक रूप से दिव्यांग होने पर एक लाख रुपये का प्रावधान है.
इसके साथ ही श्रमिकों के बुढ़ापे को भी सुरक्षित किया गया है. 60 साल की आयु पूरी होने के बाद ई-श्रम कार्ड धारक श्रमिक को हर महीने तीन हजार रुपये की पेंशन भी मिलेगी. इससे गरीब मजदूर वर्ग को जीवन यापन में काफी सहारा मिलेगा.
लगातार कैंप लगाकर श्रमिकों का करवाया जा रहा रजिस्ट्रेशन
जिला प्रशासन अमेठी में लगातार कैंप लगाकर श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन करवा रहा है. अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि जो भी असंगठित श्रमिक अभी तक इस योजना से नहीं जुड़े हैं, वे जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं और सरकार की इन सुविधाओं का लाभ उठाएं.
साढ़े आठ लाख श्रमिक पंजीकृत है: सहायक श्रमायुक्त
जिले के सहायक श्रमायुक्त छत्रसाल बरनवाल ने बताया कि जिले में ई श्रम के लिए साढ़े आठ लाख श्रमिक पंजीकृत है. इनके लिए सरकार द्वारा दुर्घटना बीमा योजना चलाई जा रही है. इसके साथ ही निर्माण श्रमिको के एक लाख 25 हजार मजदूरों का पंजीयन है.
ADVERTISEMENT









