उत्तर प्रदेश के आगरा में परिषदीय और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बिना अनुमति के बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने इस संबंध में एक सख्त आदेश जारी करते हुए यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के स्कूल परिसर में घुसने, फोटो खींचने और वीडियो बनाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है.
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पढ़ाई और शिक्षक की गरिमा को ठेस पहुंचने का हवाला
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अक्सर कुछ बाहरी व्यक्ति और YouTubers बिना इजाजत स्कूलों में घुस आते हैं और शिक्षकों व बच्चों के फोटो-वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हैं. इससे न केवल पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है बल्कि शिक्षक पद की गरिमा और विभाग की छवि भी खराब होती है.
बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नहीं मिलेगा प्रवेश
नए नियम के मुताबिक, अब कोई भी बाहरी व्यक्ति या सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी या विभाग के किसी सक्षम अधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति के बिना न तो स्कूल के भीतर जा सकेगा और न ही किसी प्रकार की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी कर पाएगा.
निरीक्षण के लिए पहले से तय हैं अधिकारी
BSA डॉ. राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि शासन-प्रशासन द्वारा परिषदीय स्कूलों के समय-समय पर निरीक्षण और व्यवस्था सुधारने के लिए पहले से ही अधिकृत अधिकारियों को नामित किया गया है. इसलिए किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को स्कूल परिसर में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है.
यह आदेश 30 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से पूरे आगरा जिले में लागू कर दिया गया है. BSA ने आगरा के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs) और परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों यानी हेडमास्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं.
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