अतीक के बेटे अली अहमद की पेशी पर कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला, आखिर क्या है मामला?

आनंद राज

• 11:44 AM • 22 Sep 2026

प्रयागराज की जिला अदालत में रंगदारी और जानलेवा हमले के मामले में अली अहमद और आशाद कालिया के बयान दर्ज किए गए. अदालत ने दोनों को व्यक्तिगत पेशी से छूट देते हुए जरूरी होने तक जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई जारी रखने का आदेश दिया है.

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प्रयागराज की जिला अदालत में रंगदारी और जानलेवा हमले के मामले में अतीक अहमद के बेटे अली अहमद और उसके सहयोगी आशाद कालिया के बयान दर्ज किए गए. सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) 16 शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की अदालत में हुई.

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अदालत ने अली अहमद और आशाद कालिया को व्यक्तिगत पेशी से भी छूट दे दी है. कोर्ट ने कहा है कि जब तक बेहद जरूरी न हो, दोनों की जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी और ट्रायल की प्रक्रिया जारी रहेगी.

तीसरे आरोपी का बयान नहीं हो सका

मामले में तीसरे आरोपी अल्तमश का बयान मंगलवार को दर्ज नहीं हो सका. उसके वकील के अदालत में मौजूद नहीं होने के कारण बयान की प्रक्रिया टाल दी गई. अब इस मामले में अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी.

डीजीसी (क्राइम) मनोज कुमार पांडे के मुताबिक, मामला अगस्त 2023 की घटना से जुड़ा है. पीड़ित अफजल ने अली अहमद, आशाद कालिया और अल्तमश के खिलाफ रंगदारी मांगने और रंगदारी न देने पर हमला करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी.

इन धाराओं में दर्ज हुई थी FIR

एफआईआर में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले में रंगदारी मांगने, जानलेवा हमला करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

धारा 313 के तहत बयान दर्ज होने के दौरान आरोपियों से उनके खिलाफ सामने आए साक्ष्यों और आरोपों को लेकर सवाल किए जाते हैं. इसी प्रक्रिया के तहत अली अहमद और आशाद कालिया के बयान दर्ज किए गए.

सुरक्षा का हवाला देकर मांगी थी छूट

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकीलों ने सुरक्षा और अन्य कारणों का हवाला देते हुए अली अहमद और आशाद कालिया की व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग की. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने उनकी अर्जी मंजूर कर ली.

कोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक व्यक्तिगत उपस्थिति बेहद जरूरी न हो, दोनों की पेशी और ट्रायल की कार्रवाई जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी.

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से डीजीसी (क्राइम) मनोज कुमार पांडे, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) के.के. दुबे और अश्वनी श्रीवास्तव मौजूद रहे. अभियुक्त पक्ष की ओर से अधिवक्ता शिवबेदार सिंह और मनीष खन्ना ने पक्ष रखा. अब 28 सितंबर को अल्तमश का बयान दर्ज करने के साथ मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.