Agra Crime News: हत्या, रंगदारी और लूट का मास्टरमाइंड पवन उर्फ कल्लू पुलिस एनकाउंटर में मारा गया. पुलिस को सूचना मिली थी कि कल्लू आगरा में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है. घेराबंदी के दौरान कल्लू ने सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. लगभग 20 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में कल्लू मारा गया. जबकि एसटीएफ का एक हेड कांस्टेबल भी घायल हुआ है. इस एनकाउंटर की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बदमाश के पास से साल 2016 में नोएडा के एक सिपाही से लूटी गई सरकारी पिस्टल बरामद हुई है.
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मुठभेड़ की शुरुआत तब हुई जब पुलिस और एसटीएफ की टीम ने कल्लू को रुकने का इशारा किया. भागने की कोशिश में उसकी मोटरसाइकिल बैरिकेडिंग के तारों में उलझ गई जिसके बाद उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस के अनुसार, बदमाश की तरफ से लगभग 18 से 20 राउंड गोलियां चलीं जिसके जवाब में पुलिस ने 5 राउंड फायर किए. इस क्रॉस फायरिंग में कल्लू को गोली लगी और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया.
पुलिस का सिपाही घायल
इस मुठभेड़ में एसटीएफ नोएडा यूनिट के एक हेड कांस्टेबल के हाथ में गोली लगी है जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है. तलाशी के दौरान कल्लू के पास से एक 32 बोर की पिस्टल और एक 9mm की सरकारी पिस्टल बरामद हुई. जांच में पता चला कि यह 9mm पिस्टल साल 2016 में गौतम बुद्ध नगर के बिसरख थाना क्षेत्र में एक सिपाही से लूटी गई थी.
कौन था पवन उर्फ कल्लू?
गाजियाबाद के सिरौली का रहने वाला पवन उर्फ कल्लू जरायम की दुनिया का बड़ा नाम था. वह रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग का खास गुर्गा था. हाल ही में जेल से छूटने के बाद उसका कनेक्शन हरियाणा के कुख्यात हिंमाशू भाऊ गैंग से भी जुड़ गया था. कल्लू पर 18 से ज्यादा गंभीर मुकदमे दर्ज थे जिनमें 4 हत्याएं और रंगदारी के कई मामले शामिल हैं. साल 2025 में जेल से बाहर आने के बाद उसने दिल्ली-NCR और पश्चिमी यूपी में बड़े पैमाने पर रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था.
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