Agra Ruby Case: उत्तर प्रदेश के आगरा से हालिया एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई, जिसने न सिर्फ मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया, बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए. रेणुका धाम कॉलोनी में रूबी नाम की महिला ने अपने ही पति सुरेंद्र की हत्या कर उसकी लाश को घर के बाथरूम में दफन कर दिया और करीब 45 दिनों तक पुलिस व समाज की आंखों में धूल झोंकती रही. यूपी Tak की टीम ने जब इस पूरे मामले को लेकर घटनास्थल के आस-पास रहने वाले लोगों से बात की, तो समाज के भीतर बैठ चुका एक गहरा 'खौफ और डर' साफ निकलकर सामने आया. बातचीत के दौरान स्थानीय निवासी सुनील प्रजापति ने समाज के भीतर व्याप्त गहरे डर को उजागर करते हुए दो टूक कहा कि, "यह बहुत ही हृदयविदारक घटना है, जिससे समाज में बेहद गलत संदेश गया है. इस तरह के कांड से आज पूरी पुरुष जाति अंदर से डरी हुई और सहमी हुई है."
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'जेल से बाहर आई तो समाज के लिए खतरा बन जाएगी'
बातचीत के दौरान स्थानीय निवासी भानु प्रताप सिंह ने रूबी की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए उसे समाज के लिए एक बड़ा खतरा बताया. उन्होंने कहा, "पति शराब पीता था या मारता था, तो उसके बहुत से कानूनी समाधान थे. 112 नंबर पर फोन किया जा सकता था, मायके वालों को बिठाया जा सकता था या तलाक लिया जा सकता था. लेकिन पति को मारकर 45 दिन तक उसी शव के ऊपर नहाना किसी सामान्य महिला का काम नहीं है. वह मानसिक रूप से विकृत है और अगर वह जेल से बाहर आती है, तो आस-पास के पुरुषों और समाज के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है. उसे आगरा के पागलखाने में इलाज की जरूरत है."
'सावित्री के देश में ऐसा कृत्य निश्चित ही कलंक'
वहीं बुजुर्ग मोहन सिंह शाह ने भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए इस घटना को सामाजिक प्रदूषण की संज्ञा दी. उन्होंने कहा, "हमारी संस्कृति में नारी को त्याग और ममता की मूरत माना गया है. सावित्री जैसी नारियां अपने पति के प्राणों के लिए यमराज से लड़ गई थीं. वहीं आज के दौर में ऐसी महिलाएं पूरे समाज को कलंकित कर रही हैं. पति कितना भी प्रताड़ित कर रहा हो, कानून का सहारा लिया जाना चाहिए था क्योंकि आज देश में नारी शक्ति वंदन का दौर चल रहा है और महिलाओं को अपार शक्तियां मिली हुई हैं."
सोशल मीडिया का दुष्प्रभाव और 'पुरुष सुरक्षा कानून' की मांग
इस पूरी घटना के पीछे सोशल मीडिया पर परोसे जा रहे क्राइम कंटेंट को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है. स्थानीय निवासी संजय सिसोदिया ने इस पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे अपराधों को देखकर अन्य विकृत मानसिकता के लोगों को बढ़ावा मिलता है. उन्होंने देश की सरकारों से एक बेहद अनोखी और बड़ी मांग करते हुए कहा, "महिलाएं जिस तरह दिन-प्रतिदिन उग्र रूप ले रही हैं, उसे देखते हुए अब भारत सरकार को लोकसभा के भीतर जल्द से जल्द 'पुरुषों को सुरक्षित रखने के लिए' एक विशेष कानून पारित करना चाहिए. अगर कोई महिला अपने परमेश्वर माने जाने वाले पति की जान ले सकती है, तो वो समाज में किसी की भी हत्या कर सकती है."
UP Tak की ग्राउंड रिपोर्ट से साफ है कि रूबी भले ही पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन अपने पीछे वह पड़ोसियों और समाज के मन में एक ऐसा खौफ छोड़ गई है, जिसे मिटने में लंबा वक्त लगेगा. स्थानीय लोगों का एक स्वर में मानना है कि रूबी को ऐसी कठोरतम सजा मिलनी चाहिए जो नजीर बन सके.
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