Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में एक महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बैठक की है. इस बैठक में उन्होंने आगरा मंडल के सांसद, विधायक और बड़े अधिकारियों के साथ लोक निर्माण विभाग की कार्य योजनाओं पर चर्चा की है. इस बैठक के दौरान उन्होंने जिले के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की भी बारीकी से समीक्षा की है. सीएम योगी ने अधिकारियों और नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले में जितनी भी सी.एम. ग्रिड योजना के तहत जितनी भी विकास कार्यों की योजनाएं चल रही हैं उनकी गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए.
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विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें
मुख्यमंत्री ने विधानसभा के अनुसार जिले को मिले प्रस्तावों की समीक्षा की है. उन्होंने सभी नेताओं से कहा कि, 'सांसद एवं विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के प्रस्तावित विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें.' अगर नेता इन प्रस्तावों में कोई बदलाव चाहते हैं, तो तुरंत बताएं ताकि पैसा जारी करके काम शुरू कराया जा सके.' आगरा जिले में सरकार की 2791 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें सड़क, पुल समेत 495 योजनाओं पर काम चल रहा है. इन सभी योजनाओं को अच्छी गुणवत्ता और समय से पर पूरा करने के लिए सरकार समीक्षा बैठकें और निगरानी रख रही है.
मेट्रो और एयरपोर्ट निर्माण की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा है कि आगरा एक मेट्रो सिटी है. इसलिए यहाँ पानी, सड़क, सीवर और सौन्दर्यीकरण का काम मेट्रो शहर की तरह ही होना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगरा मेट्रो के दूसरे चरण का विस्तार और एयरपोर्ट के निर्माण का काम समय पर पूरा होना चाहिए. अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण का काम आने वाले अक्टूबर महीने तक पूरा हो जाएगा.
पेड़ों और विकास कार्यों में संतुलन
हवाई अड्डे के रनवे और सड़कों को चौड़ा करने के लिए कुछ बीच में आ रहे हैं. इन्हें हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेना अभी बाकी है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी में इसकी अच्छी तरह से पैरवी होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि, 'विकास कार्यों को प्रभावित न होने दें.' जहां भी सड़क बनाने में पुराने पेड़ बीच में आ रहे हैं, उस जमीन को छोड़कर नया प्रस्ताव तैयार किया जाए.
अवैध खनन पर सख्त रोक लगाएं
सीएम योगी ने अवैध खनन को लेकर अधिकारियों को बहुत सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि, 'किसी भी स्थिति में अवैध खनन न हो, प्रभावी मॉनिटरिंग कर अवैध खनन पर कार्यवाही की जाए.' मुख्यमंत्री ने ग्रामीण रास्तों से भारी डंपरों और ट्रकों के गुजरने पर गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि इन भारी वाहनों से गांव की सड़कें जल्दी टूट जाती हैं. ऐसे वाहनों पर तुरंत रोक लगाई जाए और उनसे टूटी हुई सड़क के नुकसान की वसूली भी की जाए. छुट्टा जानवरों की समस्या को रोकने के लिए मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार के साथ बातचीत करने को कहा गया है.
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सबसे जरूरी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सीएम ग्रिड योजना और सड़क के रीस्टोरेशन का काम बहुत अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि, 'हर हाल में क्वालिटी पर ध्यान दिया जाए, गुणवत्ता को खराब करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती.' अगर किसी भी काम की गुणवत्ता खराब मिलती है, तो ठेकेदार और इंजीनियर की जिम्मेदारी तय करके उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग का हो विकास
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां नई तकनीक का इस्तेमाल करके सड़क बनाई जाए. इससे परिक्रमा करने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी. बैठक में नेताओं ने भारी ट्रैफिक, यमुना नदी पर नए पुल और जलभराव जैसी समस्याएं भी उठाईं. सीएम ने इन सभी समस्याओं को भी कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं. इस खास बैठक में कई केंद्रीय और राज्य स्तर के मंत्री जैसे प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, भूपेंद्र चौधरी, जयवीर सिंह, लक्ष्मी नारायण चौधरी, योगेंद्र उपाध्याय और बेबी रानी मौर्य आदि
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