Yogi Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है. अब जलालाबाद को अधिकारिक तौर पर 'भगवान परशुराम पुरी' के नाम से जाना जाएगा.
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इस बैठक में दोनों डिप्टी सीएम और कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें नई नीतियां और कई विश्वविद्यालयों की स्थापना शामिल है.
धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शाहजहांपुर का यह इलाका भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है. वहां उनसे जुड़े कई प्राचीन मंदिर और स्थल हैं. इसी सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए योगी सरकार ने जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर 'भगवान परशुराम पुरी' करने के फैसले को हरी झंडी दिखा दी है.
कौन हैं भगवान परशुराम?
भगवान परशुराम हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं और पूजनीय पात्रों में से एक हैं. उन्हें भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वे त्रेतायुग और द्वापरयुग दोनों में मौजूद थे और उन्हें अमर (चिरंजीवी) माना गया है, यानी वे आज भी पृथ्वी पर मौजूद हैं.
मदरसा शिक्षकों से जुड़ा प्रस्ताव टला
इस कैबिनेट बैठक में कुल 28 प्रस्ताव आने थे, लेकिन चर्चा के बाद केवल 27 को ही मंजूरी मिल सकी. कैबिनेट ने मदरसा शिक्षकों की ग्रेच्युटी से जुड़े एक बेहद अहम प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया है. यह प्रस्ताव लिस्ट में 15वें नंबर पर था, जिस पर सरकार ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.
किसानों के लिए 'पशुधन बीमा योजना' को मंजूरी
योगी कैबिनेट ने प्रदेश के छोटे किसानों और पशुपालकों को एक बड़ी आर्थिक सुरक्षा दी है. मंत्री धर्मपाल सिंह के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के तहत 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' को मंजूरी मिल गई है.
योजना यूपी के सभी 75 जिलों में लागू होगी. इसके तहत अगर किसी महामारी, बीमारी या दुर्घटना में पशु की मृत्यु या अपंगता होती है, तो किसानों को बीमे का पूरा लाभ मिलेगा.
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया याद
कैबिनेट बैठक के इतर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने नेहरू सरकार की नीतियों पर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा,
"उन्होंने देश की अखंडता के लिए 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' के खिलाफ शंखनाद किया था. नेहरू सरकार की तुष्टीकरण नीति के खिलाफ उनके सपने को पीएम मोदी ने 2019 में कश्मीर से धारा 370 हटाकर पूरा किया."
जलालाबाद का नाम बदलना और किसानों के लिए बीमा योजना लाना सरकार के सांस्कृतिक और ग्रामीण विकास के एजेंडे को साफ दिखाता है, वहीं मदरसा शिक्षकों के प्रस्ताव को रोकना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है.
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