UP-MP को मिली नए कॉरिडोर की सौगात, 30 की जगह अब सीधे 100 km/h की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां

आयशा शेख़

06 Jul 2026 (अपडेटेड: 06 Jul 2026, 12:34 PM)

केंद्र सरकार ने कानपुर रिंग रोड से कबराई (NH-34) कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. प्रस्तावित भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा बनने वाला यह एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच यात्रा, व्यापार और माल ढुलाई को तेज करेगा.

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Kabrai Expressway: केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने कानपुर रिंग रोड से कबराई (NH-34) परियोजना को मंजूरी दे दी है. नया कॉरिडोर दोनों राज्यों के औद्योगिक, कृषि और खनिज से भरपूर इलाकों की किस्मत बदलने की ताकत रखता है.

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ये प्रोजेक्ट सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि प्रस्तावित भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक बेहद अहम हिस्सा है. इस हाईटेक एक्सप्रेसवे के बनने से कानपुर और कबराई के बीच यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई की रफ्तार दोगुनी होने वाली है.

30 की रफ्तार से सीधे 100 का सफर

नए कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्पीड और सुरक्षा है. अभी इस रूट पर गाड़ियों की हालत खराब हो जाती है और औसत स्पीड महज 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा ही रह पाती है, लेकिन इस अत्याधुनिक मार्ग के तैयार होते ही गाड़ियों की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाएगी. यानी जो सफर घंटों में तय होता था, वह अब मिंटों में सिमट जाएगा.

— NHAI (@NHAI_Official) July 5, 2026

जाम और रुकावटों से मिलेगी मुक्ति

पूरा प्रोजेक्ट एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे सिस्टम पर आधारित होगा. इसका सीधा मतलब यह है कि सड़क पर अचानक कोई नहीं आ सकेगा, जिससे अनावश्यक रुकावटें और जाम पूरी तरह खत्म हो जाएंगे.

कैबिनेट की मंजूरी के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि कॉरिडोर न केवल दोनों राज्यों के बीच व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी एक नई मजबूती देगा. इसके बनने के बाद लोगों की यात्रा पहले से कहीं अधिक सुगम, तेज और भरोसेमंद होने वाली है.

क्षेत्र के कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह खबर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी ही तरक्की का असली रास्ता खोलती है.