आगरा में RPF के 4 जवान रेलवे स्टेशन के डिप्टी अधीक्षक को घसीटते हुए ले गए, हाथापाई भी हुआ, विवाद की जड़ सामने आई

यूपी तक

• 05:39 PM • 12 Jul 2026

आगरा कैंट स्टेशन विवाद में डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट से कथित मारपीट के बाद रेलवे ने RPF के पांच अधिकारी और जवान निलंबित कर दिए. जानिए पूरे मामले का अपडेट.

Agra Cantt Station News

Agra Cantt Station News (Photo Enhanced by AI)

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Agra Cantt Station Clash News: उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे के दो विभागों के बीच हुआ विवाद अब बड़े प्रशासनिक मामले में बदल गया है. ट्रेन संख्या 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान शुरू हुए विवाद में डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (डिप्टी स्टेशन अधीक्षक) के साथ कथित मारपीट के आरोप लगे हैं. घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए RPF के पांच अधिकारी और जवानों को निलंबित कर दिया है. साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेन संख्या 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के समय एक यात्री के चोटिल होने की सूचना मिली थी. इसी वजह से डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट ने ट्रेन को कुछ देर रोकने का फैसला लिया. इसी बात को लेकर डिप्टी SS और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मामूली कहासुनी कुछ ही देर में गंभीर विवाद में बदल गई और दोनों विभागों के कर्मचारी आमने-सामने आ गए. सामने आए वीडियो में देखा गया कि डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट को आरपीएफ के जवान दोनों हाथ पकड़कर जमीन पर घसीटते हुए ले गए.

RPF कांस्टेबल ने भी लगाए पलटवार के आरोप

घटना को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. आरोप है कि विवाद के दौरान डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट को पहले जमीन पर गिराया गया, उनके साथ मारपीट की गई और फिर दोनों हाथ पकड़कर जमीन पर घसीटते हुए ले जाया गया. मौके पर मौजूद अन्य रेलवे अधिकारी बीच-बचाव करते रहे और कथित तौर पर कहते रहे 'ऐसा करना गलत है' और 'यह अन्याय है.' वहीं दूसरी ओर, RPF कांस्टेबल जितेंद्र ने भी डिप्टी SS पर मारपीट का आरोप लगाया है. यानी दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हाथापाई के आरोप लगा रहे हैं.

CCTV फुटेज से होगी पूरे घटनाक्रम की पड़ताल

घटना के बाद स्टेशन परिसर में तनाव का माहौल बन गया और यात्रियों के बीच भी इस मामले की चर्चा होती रही. रेलवे प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. अधिकारियों का मानना है कि कैमरों में रिकॉर्ड हुई तस्वीरों से विवाद की शुरुआत, घटनाक्रम और दोनों पक्षों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी. इसी आधार पर आगे की जांच को दिशा दी जाएगी.

पांच RPF कर्मी तत्काल निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने 12 जुलाई 2026 को तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया. इस समिति में ASC आगरा कैंट, स्टेशन डायरेक्टर आगरा कैंट और AOM आगरा को शामिल किया गया है. रेलवे ने प्रथम दृष्टया मिले तथ्यों के आधार पर RPF इंचार्ज सुरेंद्र चौधरी (IPF), ASI मेघराज मीणा, ASI बालकिशन, कांस्टेबल जितेंद्र और कांस्टेबल बदन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच समिति पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है. अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे नियमों के अनुसार आगे की विभागीय और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.