स्वामी मौर्य और ओवैसी के बीच पक रही खिचड़ी, AIMIM-RSSP के बीच होगा गठबंधन? जानें पूरा माजरा

सत्यम मिश्रा

• 02:30 PM • 27 Mar 2024

स्वामी प्रसाद मौर्य की राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM के बीच गठबंधन की खबर सामने आई है, जिसके बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई है. 

UP Tak
Google CTA

Swami Prasad Maurya News: लोकसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में राजनीतिक पार्टियों के अंदर लगातार उथल-पुथल मची हुई है. यूपी के नेता इन दिनों अपनी पार्टियों का दूसरी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन करने में जुटे हुए हैं. इन्हीं सबके बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य की राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM के बीच गठबंधन की खबर सामने आई है, जिसके बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई है. 

यह भी पढ़ें...

स्वामी प्रसाद मौर्य ने गठबंधन को लेकर क्या कहा?

बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन की खबरों पर पूर्ण विराम लगाकार इस खबर को पूरी तरीके से बेबुनियाद और आधारहीन बताया है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि 'खबर की कोई सत्यता नहीं है और यह मात्र सिर्फ अफवाह है.' 

 

 

स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि ओवैसी के साथ उनका कोई गठबंधन नहीं होने जा रहा है और यह खबर बिल्कुल आधारहीन है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि 'कुछ मीडिया संस्थान हवा में खबर बनाते हैं जबकि राष्ट्रीय शोषित सामाज पार्टी के गठन के दिन ही मैंने सार्वजनिक रूप से इस बात की घोषणा की थी कि इंडिया एलाइंस इस देश की आवश्यकता है और इसीलिए राष्ट्रीय शोषित सामाज पार्टी इंडिया एलाइंस को मजबूत करने के लिए हर दिशा में काम करेगी. 

मौर्य ने कहा, 'आज भाजपा की सरकार में नौजवान, बेरोजगारी का दर्द झेल रहा है. मंहगाई से आम जनता की कमर टूट चुकी है. व्यापारियों को जीएसटी का शिकार बनाया गया और अब जीएसटी के सारे मामले ईडी को सौंप कर, ईडी के माध्यम से कमर तोड़ने की तैयारी हो रही है. लंबे अरसे से किसानों की एमएसपी की मांग सरकार पूरा नहीं कर पाई. यहां तक कि किसानो पर भाजपा सरकार लाठीचार्ज करवा रही है. किसानों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जिसके चलते किसान परेशान हैं."

 

 

स्वामी प्रसाद मौर्य ने आगे कहा, "ऐसे में अब एक ही विकल्प है...देश बचाओ और भाजपा हटाओ. इसीलिए अलग से मेरा कोई गठबंधन बनाने का इरादा नहीं है और न ही कोई औचित्य ही है. क्योंकि हम कोई ऐसा कार्य नहीं करेंगे जिससे इंडिया एलाइंस कमजोर हो जाए."