Aryan Dubey NEET UP Topper: एक तरफ दिल्ली में नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन चल रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ री-नीट का रिजल्ट आने के बाद छात्र काफी खुश दिख रहे हैं. वाराणसी के रहने वाले आर्यन दुबे ने नीट परीक्षा में कमाल कर दिया है. उन्होंने पूरे उत्तर प्रदेश में टॉप किया है. इसके साथ ही आर्यन ने ऑल इंडिया में 7वीं रैंक भी हासिल की है. हालांकि पेपर लीक और फिर से हुई नीट (री-नीट) परीक्षा को लेकर उन्हें तनाव हुआ था, लेकिन आर्यन ने तनाव को खुद पर हावी होने नहीं दिया और मेहनत करके यह शानदार सफलता हासिल की है.
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री-नीट का तनाव और बड़ी सफलता
आर्यन बताते हैं कि पहली परीक्षा में उनके अच्छे नंबर आ रहे थे. लेकिन फिर उन्होंने पेपर लीक और री-नीट की बात सुनी तो शुरुआत में वे थोड़ा परेशान हो गए थे, क्योंकि दोबारा उतने अच्छे नंबर आने की कोई गारंटी नहीं होती है. इस बीच कुछ दिनों तक उनका टाइम टेबल भी टूट गया था. माता-पिता और कोचिंग के टीचरों के समझाने के बाद उन्होंने फिर से तैयारी पर फोकस किया और अब पूरी यूपी को टॉप कर लिया है. आर्यन कहते हैं कि री-नीट उनके लिए अच्छा ही रहा है, क्योंकि इससे उनकी रैंक और भी बेहतर हो गई है.
फिक्स टाइम टेबल से की पढ़ाई
नीट की तैयारी के बारे में आर्यन ने बताया कि उन्होंने इसके लिए अपनी पढ़ाई का टाइम टेबल एकदम फिक्स रखा था. वे रोज 8 से 12 घंटे तक पढ़ाई करते थे. स्कूल और कोचिंग जाने से पहले डेढ़ घंटे और आने के बाद 5 घंटे से ज्यादा तक पढ़ाई करने का समय तय था. मन हो या न हो, वे अपने रूटीन को जरूर फॉलो करते थे. आर्यन का कहना है कि बायोलॉजी के लिए उन्होंने एनसीईआरटी (NCERT) की किताब को 15 से 20 बार पढ़ा है. पढ़ने के दौरान छोटे-छोटे नोट्स भी बनाए हैं. तैयारी के लिए उन्होंने प्रत्येक विषय के खूब सवाल सॉल्व किए हैं.
लक्ष्य के लिए किया काफी त्याग
आर्यन ने बताया कि इस सफलता के लिए उन्हें कई चीजों का त्याग करना पड़ा है. उन्होंने दो साल तक बाहर जाना छोड़ दिया था. दोस्तों के साथ घूमना और शादियों में जाना बिल्कुल बंद कर दिया था. उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ नीट परीक्षा पर था. आर्यन मानते हैं कि रोज एक जैसा रूटीन फॉलो करना और मुश्किल चीजों को समझना सबसे बड़ा चैलेंज होता है, लेकिन इस बीच कभी हार नहीं माननी है और बार-बार फोकस के साथ पढ़ना और समझना है.
10वीं और 12वीं में बेहतरीन मार्क्स
आर्यन शुरू से ही पढ़ाई में बहुत होशियार रहे हैं और उन्होंने कई परीक्षाएं पास की हैं. उन्होंने 10वीं बोर्ड में 97.2 प्रतिशत और 12वीं साइंस (सीबीएसई) में 98.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. इसके अलावा, जेईई मेंस (JEE Mains) में उनका 99.699 पर्सेंटाइल रहा है. आर्यन स्टेट लेवल के बायो ओलंपियाड (NSEB) के टॉप 1 प्रतिशत छात्रों में भी शामिल रहे हैं.
संगीत और चेस से किया रिलैक्स
पढ़ाई के दौरान खुद को तनाव से दूर रखने के लिए आर्यन अपनी हॉबीज का सहारा लेते थे. उन्हें चेस खेलना बहुत पसंद है. उनका कहना है कि चेस खेलने से सोचने की क्षमता बढ़ती है, जिसका फायदा पढ़ाई में भी मिलता है. इसके अलावा, संगीत उनके लिए रिलैक्सेशन का सबसे अच्छा तरीका है. उनका मानना है कि पढ़ाई के बीच 5 मिनट गाना सुन लेने से दिमाग को काफी शांति मिलती है. बचपन में वे तबला भी बजाते थे. हालांकि, रिलैक्स होने के लिए आर्यन को संगीत (Music) सुनना सबसे ज्यादा पसंद है.
अपने भविष्य के लक्ष्य के बारे में आर्यन ने बताया कि वे आगे चलकर एक न्यूरोसर्जन बनना चाहते हैं.
मेहनत करो ताकि पछतावा न रहे
तैयारी कर रहे दूसरे छात्रों के लिए आर्यन ने एक खास मैसेज दिया है. उन्होंने कहा कि छात्रों को कभी भी हार नहीं माननी चाहिए. आप जितने भी साल तैयारी करें, अपनी पूरी मेहनत से तैयारी करें. अपना 100 प्रतिशत दे ताकि रिजल्ट के बाद यह पछतावा न रहे कि थोड़ा और पढ़ लेते या यह चैप्टर पूरा कर लेते तो सिलेक्शन हो जाता. परिणाम भगवान पर छोड़ दें, लेकिन अपनी तरफ से कोई कमी न रखें.
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