Saharanpur News: सहारनपुर की कलेक्ट्रेट मस्जिद पर बढ़ा सियासी ताप, बेदखली आदेश के बीच जुमे की नमाज पढ़ने पहुंचे इमरान मसूद, बोले- हाईकोर्ट में देंगे चुनौती

Newzo

• 04:40 PM • 17 Jul 2026

Saharanpur Imran Masood News: कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर बेदखली आदेश के बाद सियासी हलचल तेज हो गई. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद जुमे की नमाज अदा करने पहुंचे और अदालत के फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी. मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई

सहारनपुर की कलेक्ट्रेट मस्जिद पर बढ़ा सियासी ताप, बेदखली आदेश के बीच जुमे की नमाज पढ़ने पहुंचे इमरान मसूद, बोले- हाईकोर्ट में देंगे चुनौती

सहारनपुर की कलेक्ट्रेट मस्जिद पर बढ़ा सियासी ताप, बेदखली आदेश के बीच जुमे की नमाज पढ़ने पहुंचे इमरान मसूद, बोले- हाईकोर्ट में देंगे चुनौती

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Saharanpur Imran Masood News: कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर नगर मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा बेदखली का आदेश दिए जाने के बाद शुक्रवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई.  कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के एमएलसी शाहनवाज खान कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद पहुंचे, जहां उन्होंने जुमे की नमाज अदा की. इसके बाद इमरान मसूद ने अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की घोषणा की.

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मीडिया से बातचीत में इमरान मसूद ने कहा कि यह आदेश न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं बल्कि प्रशासनिक आदेश जैसा प्रतीत होता है. उनका आरोप था कि अदालत ने भूमि के स्वामित्व (मिल्कियत) का समुचित निर्धारण किए बिना ही फैसला सुना दिया.

उन्होंने दावा किया कि जिस भूमि पर मस्जिद स्थित है, वह मूल रूप से पठानपुरा के जमींदारों की थी और उन्होंने ही मस्जिद के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी. उन्होंने कहा कि सरकार पहले यह स्पष्ट करे कि कलेक्ट्रेट के पास इस भूमि के स्वामित्व संबंधी कौन से दस्तावेज हैं.

इमरान मसूद ने यह भी कहा कि मस्जिद वर्ष 1911 से अस्तित्व में है और इसके पुराने रिकॉर्ड तथा बिजली कनेक्शन भी मौजूद हैं. उनके अनुसार यदि प्रशासन को कोई आपत्ति थी तो विधिक प्रक्रिया के तहत नोटिस देकर पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था.

उन्होंने कहा कि इस मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से न्याय की मांग की जाएगी. साथ ही उन्होंने परिसर में मंदिर होने का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल के मामले में भेदभावपूर्ण कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.

फिलहाल इस मामले को लेकर शहर में राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं. प्रशासन की ओर से इमरान मसूद के इन बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.