Saharanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शादी का रिश्ता दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक साइबर फ्रॉड गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. आरोप है कि यह गिरोह फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए शादी के इच्छुक लोगों को अपने जाल में फंसाता था. रजिस्ट्रेशन फीस लेने के बाद उन्हें नकली प्रोफाइल दिखाए जाते थे और बाद में उनका नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था. पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. वहीं, मौके से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान भी बरामद किया गया है.
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कोर्ट रोड स्थित ऑफिस में चल रहा था फ्रॉड
पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई को ऑनलाइन ठगी की सूचना मिलने पर सदर बाजार थाना और साइबर क्राइम थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कोर्ट रोड स्थित गिल कॉलोनी में 'Perfect Rishte Proprietor' नाम से संचालित एक कार्यालय पर छापा मारा.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां कई महिलाओं को कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन के जरिए लोगों से शादी का रिश्ता कराने के नाम पर बातचीत करते हुए पाया. मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर सदर बाजार थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.
तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ
पुलिस ने 14 जुलाई को तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. इसके बाद मंगलवार को छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के रहने वाले सूरज मरावी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि इस पूरे रैकेट का संचालन संदीप द्वारा बनाई गई एक वेबसाइट के माध्यम से किया जा रहा था.
ऐसे लोगों को बनाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार, कार्यालय में आठ से नौ महिलाएं काम करती थीं. वे शादी के इच्छुक लोगों को फोन कर वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रेरित करती थीं. जब कोई व्यक्ति रुचि दिखाता था तो उससे व्यक्तिगत जानकारी और रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता था. यदि ग्राहक संभावित दुल्हन की फोटो या उससे बात करने की इच्छा जताता था, तो कार्यालय में मौजूद महिलाएं फोन पर बात करती थीं और इंटरनेट से डाउनलोड की गई तस्वीरों को असली प्रोफाइल बताकर भेजा जाता था. पुलिस का आरोप है कि पैसे मिलने के बाद ग्राहकों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे.
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने कार्यालय से कई सामान बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं
जांच जारी
सिटी अपर पुलिस अधीक्षक व्योम बिंदल ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित साइबर ठगी से कितने लोग प्रभावित हुए और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही.
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