Saharanpur News: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के हालिया बयान के बाद सहारनपुर की सियासत गरमा गई है. समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अब्दुल वाहिद ने प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव गठबंधन के तहत लड़ा गया था और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा के साथ गठबंधन प्रत्याशी के लिए काम किया.
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अब्दुल वाहिद ने कहा कि सहारनपुर की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में पूरी ताकत से चुनाव प्रचार किया. उन्होंने कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि सपा के किसी कार्यकर्ता ने गठबंधन प्रत्याशी के लिए काम नहीं किया या कोई सभा नहीं की, तो वह इस बात को स्वीकार कर लेंगे.
उन्होंने कहा कि यदि इमरान मसूद को लगता है कि समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना ही उन्होंने चुनाव जीता है, तो उन्हें सांसद पद से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा था, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन के कारण पार्टी को उत्तर प्रदेश में बेहतर सफलता मिली.
समाजवादी पार्टी पर मुस्लिम नेताओं की अनदेखी के आरोपों को खारिज करते हुए अब्दुल वाहिद ने कहा कि यह पूरी तरह निराधार है. उन्होंने कहा कि पार्टी में मुस्लिम विधायक हैं और समाजवादी पार्टी हमेशा सभी वर्गों, विशेषकर मुसलमानों के साथ खड़ी रही है. किसी स्थानीय विवाद को पूरे संगठन की नीति नहीं माना जा सकता.
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के रिश्तों को लेकर पूछे गए सवाल पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी इस विषय पर निर्णय लेंगे. फिलहाल गठबंधन कायम है और आगे भी रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग केवल चर्चा में बने रहने के लिए इस तरह के बयान देते हैं, लेकिन इससे किसी राजनीतिक दल का जनाधार नहीं बढ़ता.
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