Saharanpur News: जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई का इमरान मसूद ने किया विरोध, बोले- शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर मत चलाइए

Newzo

• 04:12 PM • 16 Jul 2026

Saharanpur Bulldozer Action: रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही बुलडोजर कार्रवाई का कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने विरोध किया. उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर चलाना छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है. सरकार को वैधानिक समाधान अपनाना चाहिए. शिक्षा संस्थान को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए.

जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई का इमरान मसूद ने किया विरोध, बोले- शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर मत चलाइए

जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई का इमरान मसूद ने किया विरोध, बोले- शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर मत चलाइए

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Saharanpur News: रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर चलाना छात्रों और युवाओं के भविष्य पर प्रहार करने जैसा है. उनका कहना था कि आजम खान जेल में हैं, लेकिन विश्वविद्यालय में हजारों छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.

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इमरान मसूद ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय का निर्माण मानचित्र के अनुरूप नहीं हुआ है, तब भी उसके समाधान के लिए कई वैधानिक रास्ते मौजूद हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों में कम्पाउंडिंग जैसी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा के क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने के बजाय नियमों के तहत समाधान निकालना चाहिए.

उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करते हैं, तो किसी विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाना उचित नहीं है. उनका आरोप था कि यह कार्रवाई आजम खान के साथ राजनीतिक विरोध के कारण की जा रही है, जबकि इसका असर वहां पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ रहा है.

समाजवादी पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया न आने के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि यह किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि शिक्षा से जुड़ा विषय है. उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के अधिकांश भवनों पर कार्रवाई की जा रही है तो यह गंभीर मामला है और इस पर सभी राजनीतिक दलों को अपनी राय रखनी चाहिए.

कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि उनके अनुसार इस मामले में उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय को स्वतः संज्ञान लेकर पूरे प्रकरण की समीक्षा करनी चाहिए.