Saharanpur News: श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. कांवड़ियों को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यात्रा मार्ग पर 15 चिकित्सा शिविर स्थापित किए जा रहे हैं. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सभी शिविरों पर 24 घंटे डॉक्टर, फार्मासिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध रहेंगी.
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सीएमओ के अनुसार प्रत्येक चिकित्सा शिविर में प्राथमिक उपचार, ड्रेसिंग, आपातकालीन दवाइयों के साथ एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) और एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की भी व्यवस्था की गई है. इसके अलावा कांवड़ मार्ग पर चिन्हित पांच से छह संवेदनशील स्थानों पर एंबुलेंस तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
स्वास्थ्य विभाग ने सहारनपुर और तपरी रेलवे स्टेशन, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, नकुड़, गंगोह, अंबेहटा और नानौता सहित प्रमुख स्थानों पर भी चिकित्सा शिविर एवं एंबुलेंस की व्यवस्था की है. यात्रा मार्ग पर स्थित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को अलर्ट मोड पर रखा गया है. प्रत्येक सीएचसी में कांवड़ियों के लिए पांच बेड आरक्षित किए गए हैं, जबकि जिला अस्पताल में 10 बेड विशेष रूप से सुरक्षित रखे गए हैं.
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में एंबुलेंस की आवाजाही में होने वाली संभावित दिक्कत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 10 मोटरसाइकिल मेडिकल रिस्पांस यूनिट भी तैनात की हैं. इन पर डॉक्टर या पैरामेडिकल कर्मी जीवनरक्षक दवाइयों के साथ मौजूद रहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सके.
सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 45 डॉक्टर, 58 फार्मासिस्ट और 157 स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. इसके अलावा 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के चालक एवं अन्य कर्मचारी भी पूरी यात्रा के दौरान मुस्तैद रहेंगे. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य कांवड़ियों को सुरक्षित, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है.
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