मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस में 81000 रिक्तियों को भरने के निर्णय ने प्रदेश के युवाओं में हलचल तेज कर दी है. अयोध्या के राम की पैड़ी और प्रमुख स्थानों पर जुटे छात्र और नागरिकों ने इस भर्ती को लेकर अपनी राय साझा की. चर्चा का मुख्य केंद्र भर्ती की पारदर्शिता, उम्र सीमा और आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव रहे.
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युवाओं की उम्मीद- 'पारदर्शी हुई भर्ती तो होगा गेम चेंजर'
अयोध्या के एलएलबी छात्र चंचल उपाध्याय ने इस पहल को युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका बताया. उनका मानना है कि अगर यह भर्ती पूरी ईमानदारी और समयबद्ध तरीके से संपन्न होती है, तो यह प्रदेश की कानून व्यवस्था और बेरोजगारी की समस्या को सुलझाने में 'गेम चेंजर' साबित होगी. वहीं, कृषि विश्वविद्यालय के छात्र कार्तिक चौहान ने भी इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि रोजगार मिलने से युवा स्वाभाविक रूप से सरकार की ओर आकर्षित होंगे.
चर्चा के दौरान कुछ वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों ने सरकार पर निशाना भी साधा. संजय तिवारी और अमरीश कुमार पांडे जैसे लोगों का कहना है कि यह काम बहुत पहले हो जाना चाहिए था. उन्होंने आरोप लगाया कि:
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