अखिलेश यादव पर केशव मौर्य ने बोला हमला तो सीरियस हो गए सपा प्रमुख! दोनों ने एक दूसरे पर चलाए तंज के तीर

उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जंग छिड़ गई है. दादरी रैली को फ्लॉप बताने पर अखिलेश ने केशव मौर्य पर पलटवार किया, जिसके बाद भगवा और जालीदार टोपी पर बयानबाजी तेज हो गई है.

यूपी तक

• 12:02 PM • 06 Apr 2026

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में तलवारें एक बार फिर खिंच गई हैं. इसकी शुरुआत डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गाजियाबाद दौरे से हुई, जहां उन्होंने सपा चीफ अखिलेश यादव की दादरी रैली को फ्लॉप शो करार दिया. इसके जवाब में अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम के पद और उनके चुनाव हारने पर तीखा तंज कसा, जिसके बाद केशव मौर्य ने भी लठैतवाद और जालीदार टोपी जैसे शब्दों से हमला बोला.

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'2027 के सपने देख रहे, 2047 तक पिछड़ गए'

महर्षि कश्यप जयंती के मौके पर गाजियाबाद पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव की 29 मार्च की दादरी रैली पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि सपा की सभा पूरी तरह फ्लॉप थी. अखिलेश यादव 2027 में सरकार बनाने के सपने लेकर आए थे, लेकिन जनता ने उन्हें 2047 तक पीछे धकेल दिया है. उन्होंने दावा किया कि गुर्जर, कश्यप और सैनी समाज समेत पूरा पिछड़ा वर्ग मोदी जी और भाजपा के साथ है.

अखिलेश का पलटवार

अखिलेश यादव ने केशव मौर्य के बयान का वीडियो शेयर करते हुए लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा. उन्होंने डिप्टी सीएम को स्टूल और पराजित होने की याद दिलाते हुए लिखा कि जो लोग खुद अपनी हार का आकलन नहीं कर पाए, वे दूसरों पर न बोलें तो ही मान-सम्मान बचा रहेगा. अखिलेश ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे पीडीए की ताकत देखना चाहते हैं, तो जगह बताएं, हम उन्हें ससम्मान कुर्सी पर बिठाकर अपनी ताकत दिखाएंगे.

हमें गर्व है हम जालीदार टोपी नहीं पहनते: केशव मौर्य

अखिलेश के तंज पर केशव प्रसाद मौर्य ने और भी कड़ा प्रहार किया. उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "हम जमीन की राजनीति करते हैं, हवाहवाई कलाबाजी नहीं. हमें भगवा पर गर्व है, हम जालीदार टोपी नहीं पहनते." उन्होंने सपा पर तुष्टिकरण, गुंडागर्दी और माफियावाद का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश अब सुशासन की राह पर है और जनता 'नहीं चाहिए अखिलेश' कह चुकी है.