Prayagraj Murder Case: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में धूमनगंज थाना पुलिस ने 27 साल के फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है. इस हत्याकांड को किसी और ने नहीं, बल्कि आलोक के जिगरी दोस्तों ने ही अंजाम दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद भी आरोपी आलोक के महंगे आईफोन से उसकी गर्लफ्रेंड से लगातार 20 दिनों तक चैट करते रहे, ताकि किसी को उसकी मौत का शक न हो. पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
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क्या था पूरा मामला?
इस खौफनाक वारदात की शुरुआत 22 अगस्त को हुई, जब अंबर अपार्टमेंट हरवारा में किराए पर रहने वाले फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की मां रेखा देवी ने अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. आलोक शादियों में फोटोग्राफी का काम करता था और उसका अचानक गायब होना पुलिस के लिए एक पहेली बन गया. जांच के दौरान पुलिस ने जब फ्लैट की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो आलोक के तीन दोस्त - शुभम तिवारी, शुभम यादव और अंकुश यादव एक भारी-भरकम नीले रंग का बैग लेकर जाते हुए दिखाई दिए.
एमपी के रीवा में मिला शव
इसी बीच मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सुहागी थाना क्षेत्र में सेल्फी प्वाइंट के पास एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली. सोशल मीडिया पर वायरल हुई शव की तस्वीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री की कड़ियां जोड़ीं. जांच में पता चला कि आरोपियों ने आलोक की हत्या के बाद उसके शव को एक बड़े नीले बैग में भरकर कार से रीवा ले जाकर फेंक दिया था.
20 दिनों तक गर्लफ्रेंड को रखा धोखे में
हत्या के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से धोखे का खेल शुरू किया. उन्होंने आलोक के आईफोन का इस्तेमाल कर उसकी गर्लफ्रेंड को लगातार मैसेज भेजे. यह सिलसिला करीब 20 दिनों तक चलता रहा, जिससे गर्लफ्रेंड को लगा कि आलोक जिंदा है और उससे बात कर रहा है. लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से आखिरकार कानून के हाथ उन तक पहुंच गए और तीनों को सूबेदारगंज फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार कर लिया गया.
हत्या की वजह थी जलन और उधार
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी शुभम तिवारी ने बताया कि वह आलोक की अच्छी लाइफस्टाइल और उसके बढ़ते फोटोग्राफी बिजनेस से काफी ईर्ष्या करता था. इसके अलावा, शुभम ने आलोक से कुछ पैसे उधार लिए थे, जिन्हें वह वापस नहीं करना चाहता था. आलोक द्वारा पैसे मांगने और लगातार ताने मारने से परेशान होकर शुभम ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया.
पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम
इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने पर डीसीपी नगर सागर जैन ने पुलिस टीम की मुस्तैदी की सराहना की. वहीं, एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजयपाल शर्मा ने इस शानदार खुलासे को अंजाम देने वाली पुलिस टीम के लिए 25 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक अवैध पिस्तौल, चार मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल कार भी बरामद की है.
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