Swatantra Bhardwaj Viral Video: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन में 14 साल की दलित छात्रा निशु आजाद भी शामिल हुई थी. इस दौरान उनके पापा पर हुए हमले का मामला एक बार फिर गरमा गया है. आरोपी युवक स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह हंसते हुए निशु के पापा का सिर फोड़ने की बात कबूल कर रहा है. इसके साथ ही वह कुछ नेताओं के साथ अपने संबंधों की धौंस भी देता हुआ दिखाई दिया. इस वीडियो के सामने आने के बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने दिल्ली पुलिस और सरकार पर तीखा हमला बोला है.
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जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?
23 जून को 14 वर्षीय निशु आजाद अपने पिता संजय कुमार के साथ जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने गई थीं. वहां कुछ लोगों के साथ झड़प में उनके पिता के सिर पर गंभीर चोट आई थी. निशु का आरोप है कि उनके पिता पर जानलेवा हमला हुआ और सिर में सात टांके लगे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने मामूली धाराओं में केस दर्ज किया. पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चोट मामूली थी और हाथ में पहने कड़े से लगी थी.
स्वतंत्र भारद्वाज का कबूलनामा
ढाई महीने बाद आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल हुआ है, इस वीडियो में उसने हमले की बात को कबूल किया है. वीडियो में खुद को हिंदूवादी एक्टिविस्ट बताने वाला स्वतंत्र हंसते हुए कहता है कि उसने ही निशु के पिता का सिर फोड़ा था. वह दावा करता है कि उस पर हत्या के प्रयास (धारा 307) का मामला दर्ज होना चाहिए था, लेकिन पीएम मोदी, कपिल मिश्रा और चिराग पासवान जैसे नेताओं के संरक्षण के कारण वह आजाद घूम रहा है.
निशु ने राहुल गांधी से मांगी मदद
वीडियो वायरल होने के बाद निशु आजाद ने न्याय की गुहार लगाते हुए एक वीडियो जारी किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस से उनका भरोसा उठ चुका है और अब सिर्फ राहुल गांधी से ही न्याय की उम्मीद है. निशु ने सवाल उठाया कि अपराध कबूल करने वाला व्यक्ति खुलेआम कैसे घूम सकता है.
विपक्ष ने सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर सवाल किया, 'यह भाजपा सरकार है या अपराधियों की पैरोकार?' वहीं, राहुल गांधी ने निशु को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए कहा, 'तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है. अमित शाह की दिल्ली पुलिस छात्रों पर बर्बरता करती है, लेकिन दलित के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है.'
स्वतंत्र भारद्वाज की सफाई
विवाद बढ़ने पर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी सफाई में कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग सनातन धर्म और पीएम मोदी को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे. जब उसने विरोध किया, तो वहां मौजूद भीड़ ने उसकी मॉब लिंचिंग करने की कोशिश की. स्वतंत्र का दावा है कि आत्मरक्षा के दौरान गलती से उसका कड़ा निशु के पिता के सिर पर लग गया था. उसने पॉडकास्ट में नेताओं का नाम लेने की बात को भी 'सार्केस्टिक' (व्यंग्य) बताया है.
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