संभल में BJP नेता गुलफाम यादव को इंजेक्शन देकर मारने वाले 6 बदमाश अरेस्ट, इस केस की A टू Z डिटेल यहां जानिए 

हर्ष वर्धन

• 06:58 PM • 25 Mar 2025

Sambhal Crime News: संभल के थाना जुनावई क्षेत्र में गुलफाम सिंह यादव की हत्या का खुलासा. ब्लॉक प्रमुखी विवाद में रची गई थी साजिश, महेश यादव समेत कई गिरफ्तार.

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Sambhal Gulfam Singh Yadav News: संभल के थाना जुनावई क्षेत्र में हुए भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इस हत्या के पीछे ब्लॉक प्रमुखी को लेकर चल रहे विवाद को प्रमुख कारण बताया है. मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता महेश यादव समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. खबर में आगे जानिए आरोपियों ने किस तरीके से साजिश रचकर गुलफाम सिंह यादव को मौत के घाट उतारा?

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हत्या की साजिश और पैसे का लेनदेन

पुलिस के अनुसार, महेश यादव और गुलफाम सिंह यादव के बीच ब्लॉक प्रमुखी को लेकर रंजिश चल रही थी. महेश यादव ने अपने बेटे के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर गुलफाम सिंह को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. इसके लिए उसने बरेली जेल में सजा काट रहे अपराधी धर्मवीर उर्फ धम्मा से 19 नवंबर 2024 को मुलाकात की. महेश ने धर्मवीर की जमानत और अपील का पूरा खर्च उठाने का वादा किया और बदले में गुलफाम सिंह की हत्या करने के लिए कहा. 

धर्मवीर की जमानत के लिए ₹35,000 खर्च किए गए और जेल से छूटने के बाद उसका ट्रैक्टर भी ₹1 लाख देकर छुड़वाया गया.  हत्या को सामान्य मौत दिखाने के लिए विशेष केमिकल युक्त इंजेक्शन का इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई. 

हत्या की योजना और क्रियान्वयन

हत्या से पहले आरोपियों ने गुलफाम सिंह की दिनचर्या की रेकी की. 9 मार्च 2025 को महेश यादव ने मुकेश यादव, नेमपाल और धर्मवीर को अपने बंद पड़े मकान पर बुलाकर अंतिम योजना बनाई. हत्या में इस्तेमाल किया गया केमिकल इंजेक्शन नेमपाल ने रामनिवास उर्फ नारद से प्राप्त किया था, जो इस तरह की दवाइयों की आपूर्ति करता था. 

घटना के दिन धर्मवीर पहले से ही मौके पर मौजूद था, जबकि मुकेश और नेमपाल बाइक से पहुंचे. महेश यादव कुछ दूरी पर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था. योजनानुसार धर्मवीर और नेमपाल ने गुलफाम सिंह को घेरकर जहरीला इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. इसके बाद तीनों आरोपी बाइक से फरार हो गए. 

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

संभल की ASP अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस डेटा और मुखबिरों की सूचना के आधार पर जांच तेज की. पुलिस ने 25 मार्च 2025 को रात में हरिबाबा इंटर कॉलेज, जुनावई के पास से महेश यादव और उसके सहयोगी सुधीर उर्फ पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में महेश यादव ने स्वीकार किया कि उसने ब्लॉक प्रमुखी विवाद के कारण हत्या की साजिश रची थी. पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल मुकेश यादव, रामनिवास उर्फ नारद, विकास कुमार और सुधीर यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है.